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तीर्थंकरों की नगरी में जैन तीर्थों का होगा कायाकल्प

Tue, 19 Apr 2016 01:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 19 Apr 2016 01:45 AM IST
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Jain pilgrimage to the city of rejuvenation will Tirthankars
भेलूपुर स्थित श्वेताम्बर जैन मंदिर
चार तीर्थंकरों की नगरी काशी में जैन तीर्थों के कायाकल्प की व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। जैन समाज की आस्था के केंद्र तीर्थकरों की जन्मभूमि को जैन सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा। गंगा की कटान से चौपट होने के कगार पर पहुंचे आठवें तीर्थंकर चंद्रा प्रभु स्वामी की जन्मस्थली के कायाकल्प के लिए पर्यटन विभाग ने 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। धन अवमुक्त होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
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अहिंसा परमो धर्म: का संदेश देने वाले जैन धर्म के अनुयायियों के लिए काशी सबसे बड़ा तीर्थ है। यह वह तपोभूमि है जहां चार तीर्थंकरों ने जन्म लिए। सातवें तीर्थंकर सुपार्श्वनाथ की जन्मभूमि गंगातट पर भदैनी में है तो गंगा किनारे चंद्रावती में आठवें तीर्थंकर चंद्राप्रभु स्वामी ने जन्म लिया था। वहां चंद्राप्रभु का भव्य मंदिर आस्था का केंद्र है लेकिन गंगा की कटान की वजह से यह तीर्थ बदहाल पड़ा है। इसी तरह सारनाथ के सिंहपुरी में 11वं तीर्थंकर श्रेयांशनाथ की जन्मस्थली है तो 23वें तीर्थंकर की भेलूपुर में। पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जैन तीर्थंकरों के दर्शन के लिए वर्ष भर देश के कोने-कोने से लाखों की तादाद में जैन धर्मावलंबी काशी आते हैं।  काशी में जैन तीर्थंकरों के जन्मस्थान को जैन सर्किट के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। चंद्राप्रभु के मंदिर के अलावा घाट का निर्माण जल्द ही शुरू करा दिया जाएगा।
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जैन श्वेतांबर तीर्थ सोसाइटी के दो धड़ों में संगठनात्मक मतभेद महावीर जयंती की पूर्व संध्या पर सुलझा लिए गए हैं। इस सोसाइटी से अलग हुए 42 सदस्यों ने मतभेदों को भुलाकर फिलहाल साथ चलने का फैसला किया है। अब सोसाइटी का संगठनात्मक चुनाव महीने भर बाद होगा। संगठन में उपजे अंर्तकलह के चलते 94सदस्यीय सोसाइटी से 42 सदस्यों ने कुछ महीने पहले इस्तीफा दे दिया था। रविवार को जब संगठनात्मक चुनाव कराया जाने लगा तब विवाद खड़ा हो गया। लेकिन वीर जैन, मृगेंद्र राज भंसाली, कुंवर विजयानंद सिंह, सतीश जैन के हस्तक्षेप और सूझबूझ से बागी सदस्यों ने भी एक साथ चलने के सुझाव को मान लिया। सोसाइटी के अध्यक्ष ललित राज भंसाली ने बताया कि महावीर जयंती पर मंगलवार को सभी सदस्य एक साथ शोभायात्रा में शामिल होंगे। अब किसी तरह का विवाद नहीं रह गया है। सोसाइटी के उपाध्यक्ष निर्मल चंद्र गांधी ने बताया कि विवाद सुलझा लिया गया है। महीने भर बाद चुनाव कराया जाएगा।
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