आईएस आतंकी के प्यार में आकर आजमगढ़ की छात्रा ने फोन पर किया निकाह
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दोनों की दोस्ती 2012 में फेसबुक के जरिए हुई जो बाद में प्यार में बदल गई। यह मेडिकल छात्रा उस आतंकी के बातों से इतना प्रभावित हुई कि एक होने का फैसला कर लिया। मई 2016 में दोनों ने परिवार की सहमति से फोन पर निकाह रचा ली।
लड़की आजमगढ़ के सरायमीर इलाके में मेडिकल की छात्रा है।
वह आईएस आतंकी सलाफी से अहल ए हदीस और इस्लाम के बारे में चर्चा करती थी। सलाफी ने इस लड़की को अपने साथ आने और सीरिया में इस्लामिक जीवन बिताने का ऑफर दिया था। आंतकी ने लड़की को ये बताया था कि उसकी शादी हो चुकी है और उसके दो बच्चे भी हैं।
अप्रैल 2014 में सलाफी सऊदी अरब चला गया। उसने इस लड़की को भी सऊदी अरब आने के लिए प्रेरित किया। उसने कहा था कि सऊदी अरब आने में शफी अरमार नामक व्यक्ति मदद करेगा। यह वही शफी अरमार है जो भारत में आईएस आंतकी नेटवर्क से जुड़े संगठन का प्रमुख है।
सलाफी ने लड़की को प्रलोभन दिया था कि सीरिया में उसे युद्ध क्षेत्र में नहीं जाना होगा और दोनों लोग चैन के साथ वहां रह सकेंगे। हालांकि यह मेडिकल छात्रा उसकी बातों में आकर सऊदी अरब नहीं गई। इसलिए एनआईए के अधिकारियों ने उससे पूछताछ नहीं की है। अभी वह आजमगढ़ में ही है। एनआईए ने लड़की की पहचान उजागर नहीं की है।
राजस्थान के चुरू का है आंतकी
सलाफी मुस्लिम युवाओं को बरगलाकर उन्हें आईएस की भारत शाखा जुनैद उल खलीफा फिल-हिंद में भर्ती करता था। जुनैद उल खलीफा फिल-हिंद में अभी 30 सदस्य सक्रिय हैं। सलाफी न केवल आईएस आतंकियों की भर्ती करता था बल्कि उन्हें एनआईए के छापे से पहले सचेत भी करता था।
आजमगढ़ से आतंकी का तार जुड़ने से पुलिस सतर्क
आजमगढ़ के सरायमीर की एक मेडिकल छात्रा से आतंकी संगठन आईएस के सदस्य से शादी करने की बात सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। खुफिया एजेंसियां मेडिकल छात्रा के बारे में पता लगाने में जुटी हुई हैं।
इस बाबत पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने कहा कि सरायमीर की एक मेडिकल छात्रा के आतंकी संगठन के व्यक्ति से शादी करने का मामला सामने आया है। जानकारी जुटाने के लिए खुफिया तंत्र को सतर्क किया गया है। अभी तक कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।