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Varanasi News: नहरों की कटान से अटकी सिंचाई, कृषि विभाग से मांगी रिपोर्ट

Thu, 20 Aug 2026 02:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 20 Aug 2026 02:09 AM IST
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Irrigation stalled due to canal breaches; report sought from Agriculture Department
विकास भवन सभागार में बुधवार को किसान दिवस एवं कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति और परियोजना प्रबंधक इकाई की बैठक हुई। किसानों ने नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या उठाई। इस पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ने नहरों में कटान की स्थिति की जानकारी संबंधित विभाग से मांगी। स्पष्ट सूचना नहीं मिलने पर उप कृषि निदेशक को क्षेत्रीय कर्मचारियों के माध्यम से नहरों में हुई कटान का ब्योरा तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
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उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल ने कहा कि आगामी खरीफ सीजन में सिंचाई के लिए नहरों में टेल तक समय से पानी पहुंचना जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिशासी अभियंताओं से नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने का अनुरोध किया, ताकि धान समेत खरीफ फसलों की रोपाई और सिंचाई प्रभावित न हो। उप कृषि निदेशक ने बताया कि आगामी रबी सीजन के लिए गेहूं, राई, सरसों, तोरिया, चना और मटर के मिनीकिट एवं सामान्य बीजों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है। किसानों से अधिक से अधिक बीजों की बुकिंग कराने की अपील की गई, ताकि समय से रबी फसलों की बुवाई की जा सके। 10 हजार रुपये से अधिक अनुदान वाले कृषि यंत्रों के लिए विकासखंडवार लक्ष्य से अधिक हुई बुकिंग के लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी से होगा। ई-लॉटरी 21 अगस्त को दोपहर दो बजे विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय कार्यकारी समिति के सदस्यों और संबंधित किसानों की मौजूदगी में होगी। कृषि यंत्रों के लिए बुकिंग कराने वाले सभी किसानों को इसमें प्रतिभाग करने को कहा गया है।
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खरीफ सीजन-2026 में फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 अगस्त बताई गई। किसानों को धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, उर्द, अरहर और मिर्च की अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की सलाह दी गई। योजना के तहत प्रतिकूल मौसम से फसल को नुकसान होने पर बीमित किसानों को क्षतिपूर्ति दी जाएगी। योजना की जानकारी और फसल क्षति की सूचना के लिए टोल फ्री नंबर 14447 जारी किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि योजना सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है। जो ऋणी किसान योजना में शामिल नहीं होना चाहते, उन्हें 31 अगस्त की अंतिम तिथि से सात दिन पहले यानी 24 अगस्त तक अपने बैंक को लिखित सूचना देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर बैंक उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर पात्र ऋणी किसान की फसल को बीमित करते हुए खाते से प्रीमियम की कटौती कर सकता है।
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उद्यान विभाग ने सब्जी बीज, कृषि यंत्र, दवा छिड़काव मशीन, सिंचाई, ड्रिप और स्प्रिंकलर समेत विभिन्न योजनाओं पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार ड्रिप और स्प्रिंकलर पर 65 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा सकता है। इसके अलावा मशरूम, हाईटेक नर्सरी, पॉली हाउस, ग्रीन हाउस, मधुमक्खी पालन और जैविक खेती से जुड़ी योजनाओं का भी लाभ किसान ले सकते हैं। अनुदान के लिए विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है। पशुपालन विभाग ने बकरी, सूकर, भेड़ और मुर्गी पालन सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। बीमार पशुओं के उपचार के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा के टोल फ्री नंबर 1962 पर सुबह नौ से शाम छह बजे तक सूचना देने की जानकारी दी गई।
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