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Varanasi: बुजुर्गों की हर बीमारी का इलाज...BHU में बनेगा देश का तीसरा जीरियाट्रिक केयर एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर

Thu, 11 May 2023 06:41 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 11 May 2023 06:41 PM IST
सार

बीएचयू में जल्द ही देश का तीसरा जीरियाट्रिक केयर एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर (नेशनल एजिंग सेंटर) बनेगा। नेशनल प्रोग्राम फॉर हेल्थकेयर ऑफ द एल्डरली के तहत बनने वाले इस सेंटर का सबसे ज्यादा फायदा बुजुर्गों को मिलेगा। उनकी हर तरह की बीमारी का इलाज एक ही जगह एक छत के नीचे हो जाएगा। 

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Indias third Geriatric Care and Rehabilitation Center to be built in BHU
सर सुंदरलाल अस्पताल - फोटो : फाइल

विस्तार

बीएचयू में जल्द ही देश का तीसरा जीरियाट्रिक केयर एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर (नेशनल एजिंग सेंटर) बनेगा। इसकी मंजूरी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से मिल गई है। सेंटर बनने के बाद बुजुर्गों को इलाज कराने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। एक ही छत के नीचे सभी तरह की बीमारियों का इलाज हो सकेगा। छह मंजिला भवन वाले सेंटर में 200 बेड होंगे। अभी एम्स दिल्ली और मद्रास मेडिकल कॉलेज में ऐसा सेंटर चल रहा है।

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जानकारी के मुताबिक, देश का तीसरा सेंटर पहले पीजीआई चंडीगढ़ में बनना था, लेकिन कुछ आंतरिक वजहों से ऐसा नहीं हो सका। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब बीएयचू वाराणसी में सेंटर बनाने का फैसला कर लिया है। नेशनल प्रोग्राम फॉर हेल्थकेयर ऑफ द एल्डरली के तहत बनने वाले इस सेंटर का सबसे ज्यादा फायदा बुजुर्गों को मिलेगा।
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उनकी हर तरह की बीमारी का इलाज एक ही जगह एक छत के नीचे हो जाएगा। इस सेंटर से सभी विभाग जोड़े जाएंगे ताकि किसी बुजुर्ग को एक से दूसरे विभाग में जाने पर असुविधा न हाे सके। अभी बीएचयू के जीरियाट्रिक मेडिसिन विभाग की देखरेख में रीजनल जीरियाट्रिक सेंटर चल रहा है। अब इसे अपग्रेड करके नेशनल जीरियाट्रिक सेंटर बनाया जा रहा है।

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स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम लगाएगी अंतिम मुहर

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता वाली टीम बृहस्पतिवार को बीएचयू में आएगी। यही टीम जगह तय करेगी। चिकित्सा विज्ञान संस्थान के स्तर पर अभी ट्रॉमा सेंटर परिसर, सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के बगल में खाली पड़ी जमीन और इसी ब्लॉक के सामने पेट्रोल पंप वाली जगह पर सेंटर बनाने का विचार चल रहा है। माना जा रहा है कि मंत्रालय की टीम इन तीनों जगहों का दौरा करेगी। टीम जहां भी मुहर लगगेगी, वहां सेंटर बनाने का काम शुरू हो जाएगा। सेंटर खोलने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।

रोजाना आते हैं पांच हजार लोग, 25 फीसदी बुजुर्ग

चिकित्सा विज्ञान संस्थान से संबद्ध सर सुंदरलाल अस्पताल में इलाज कराने के लिए रोजाना अलग-अलग विभागों में वाराणसी सहित आसपास के जिलों, बिहार, झारखंड व नेपाल से करीब पांच हजार लोग आते हैं। इसमें करीब 25 फीसदी 60 वर्ष और उससे ज्यादा उम्र के होते हैं।

कुलपति ने फरवरी 2021 में भेजा था प्रस्ताव

चिकित्सा विज्ञान संस्थान में नेशनल जीरियाट्रिक सेंटर खोलने के प्रस्ताव पर विश्वविद्यालय की संकाय स्तरीय समिति व कार्यकारिणी समिति की मुहर लग चुकी है। 23 फरवरी 2021 को तत्कालीन कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था। अब इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी मुहर लगा दी है।

आईएमएस बीएचयू में नेशनल एजिंग सेंटर बनाने की मंजूरी मिल गई है। इससे बुजुर्गों के इलाज में सहूलियत मिलेगी। इसका नोडल अधिकारी जीरियाट्रिक मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर अनूप सिंह को बनाया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय इसके जरिये एम्स जैसी सुविधाएं देने की व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। मंत्रालय की टीम के दौरे के बाद जो रिपोर्ट तैयार होगी, उस आधार पर औपचारिकताएं पूरी कराई जाएंगी। -प्रो.एसके सिंह, निदेशक, आईएमएस बीएचयू
 

इन बीमारियों का होगा इलाज

  • गठिया
  • हाइपरटेंशन
  • डिमेंशिया
  • मानसिक स्वास्थ्य
  • नेत्ररोग, नाक, कान, गला संबंधी समस्या।
  • हृदय रोग
  • हड्डी रोग सहित अधिक उम्र में होने वाली अन्य बीमारियां
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