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लाठीचार्ज के विरोध में संतों ने फूंका आंदोलन का बिगुल
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 27 Sep 2015 02:28 AM IST
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लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को संतों ने संघर्ष का बिगुल फूंक दिया। शंकराचार्य स्वरूपानंद के केदारघाट स्थित विद्यामठ में देर शाम तय हुआ कि पांच अक्तूबर को देश भर के प्रमुख संतों की मौजूदगी में मैदागिन से गोदौलिया तक विरोध स्वरूप जुलूस निकाला जाएगा। यहां संतों की सभा होगी। इसके बाद वे मार्च करते हुए दशाश्वमेध घाट तक जाएंगे। गोदौलिया पर 22 सितंबर की रात लाठीचार्ज में शंकराचार्य के शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद समेत सैकड़ों बटुकों, स्थानीय लोगों को चोटें आई थीं।
गोदौलिया लाठीचार्ज के विरोध में आंदोलन की रणनीति को शनिवार की देर शाम अंतिम रूप दे दिया गया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मौजूदगी में तय हुआ कि पांच अक्तूबर को साधु-संत और भक्त इस घटना के विरोध में सड़क पर उतरेंगे। इस आंदोलन में शरीक होने के लिए विद्यामठ की ओर से पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के अलावा श्री श्री रविशंकर, बाबा रामदेव, मोरारी बापू को भी बुलावा भेजा जा रहा है। हैदराबाद के संत माधवानंद के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली के भी प्रमुख
संतों के इस मार्च में हिस्सा लेने की संभावना है। काशी विद्वत परिषद न्यास के अध्यक्ष श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि संतों पर हुए अत्याचार का काशी की जनता मुंहतोड़ जवाब देगी। पांच अक्तूबर को शहर के हर कोने से लोग समूह में मैदागिन स्थित टाउनहाल पहुंचेंगे। वहां से शाम चार बजे जुलूस निकाला जाएगा। गोदौलिया पर जहां प्रतिमा रोकी गई थी, वहां शाम पांच बजे से सभा होगी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि लाठीचार्ज के बाद गणेश प्रतिमा को पुलिस छीनकर लक्ष्मीकुंड ले गई थी और संत
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गंगा में विसर्जन के लिए ले जाना चाहते थे। इसलिए सभा के बाद प्रतीक के तौर पर संत दशाश्वमेध घाट तक जाएंगे। विद्यामठ में हुई बैठक में स्वामी विशुद्धानंद, दक्षिणामूर्ति मठ के सुबोधानंद, गुरुद्वारा कमेटी के धर्मवीर सिंह, रंजन शर्मा, रवि त्रिवेदी, रमेश चोपड़ा, विजय शंकर पांडेय, ओपी द्विवेदी, मनीष चतुर्वेदी, डॉ. आरएस दुबे, यतींद्र नाथ चतुर्वेदी, त्रिलोचन शर्मा, कपींद्र तिवारी, नंदू कन्नौजिया, गौरव गुप्ता,राजेंद्र तिवारी बब्लू, शिव प्रसाद पांडेय, सावित्री पांडेय समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
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गोदौलिया लाठीचार्ज के विरोध में आंदोलन की रणनीति को शनिवार की देर शाम अंतिम रूप दे दिया गया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मौजूदगी में तय हुआ कि पांच अक्तूबर को साधु-संत और भक्त इस घटना के विरोध में सड़क पर उतरेंगे। इस आंदोलन में शरीक होने के लिए विद्यामठ की ओर से पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के अलावा श्री श्री रविशंकर, बाबा रामदेव, मोरारी बापू को भी बुलावा भेजा जा रहा है। हैदराबाद के संत माधवानंद के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली के भी प्रमुख
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संतों के इस मार्च में हिस्सा लेने की संभावना है। काशी विद्वत परिषद न्यास के अध्यक्ष श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि संतों पर हुए अत्याचार का काशी की जनता मुंहतोड़ जवाब देगी। पांच अक्तूबर को शहर के हर कोने से लोग समूह में मैदागिन स्थित टाउनहाल पहुंचेंगे। वहां से शाम चार बजे जुलूस निकाला जाएगा। गोदौलिया पर जहां प्रतिमा रोकी गई थी, वहां शाम पांच बजे से सभा होगी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि लाठीचार्ज के बाद गणेश प्रतिमा को पुलिस छीनकर लक्ष्मीकुंड ले गई थी और संत
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गंगा में विसर्जन के लिए ले जाना चाहते थे। इसलिए सभा के बाद प्रतीक के तौर पर संत दशाश्वमेध घाट तक जाएंगे। विद्यामठ में हुई बैठक में स्वामी विशुद्धानंद, दक्षिणामूर्ति मठ के सुबोधानंद, गुरुद्वारा कमेटी के धर्मवीर सिंह, रंजन शर्मा, रवि त्रिवेदी, रमेश चोपड़ा, विजय शंकर पांडेय, ओपी द्विवेदी, मनीष चतुर्वेदी, डॉ. आरएस दुबे, यतींद्र नाथ चतुर्वेदी, त्रिलोचन शर्मा, कपींद्र तिवारी, नंदू कन्नौजिया, गौरव गुप्ता,राजेंद्र तिवारी बब्लू, शिव प्रसाद पांडेय, सावित्री पांडेय समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।