अवैध गैस रिफिलिंग का भंडाफोड़: 31 सिलेंडर बरामद...पुलिस ने की कार्रवाई, दो इलेक्ट्रॉनिक कांटा जब्त; आरोपी फरार
Varanasi News: रोहनिया थाना क्षेत्र के लठिया गांव में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी कर 31 गैस सिलेंडर, दो इलेक्ट्रॉनिक कांटा और रिफिलिंग का उपकरण बरामद किया है।
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Varanasi News: रोहनिया थाना क्षेत्र के लठिया गांव में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग के कारोबार का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने 31 गैस सिलेंडर, दो इलेक्ट्रॉनिक कांटा और रिफिलिंग में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए हैं। हालांकि मौके से आरोपी ऑटो चालक फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुट गई है।
पुलिस के अनुसार, लठिया गांव में अवैध गैस रिफिलिंग की सूचना मिल रही थी। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एक मकान में खड़े ऑटो की तलाशी ली। जांच के दौरान ऑटो में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर लदे पाए गए। इनमें 29 घरेलू और दो कमर्शियल सिलेंडर शामिल थे। कुछ सिलेंडर खाली थे, जबकि कुछ में गैस भरी हुई थी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मौके पर अवैध रूप से रिफिलिंग का कार्य किया जा रहा था।
तलाशी के दौरान पुलिस को मौके से दो इलेक्ट्रॉनिक कांटा (वजन मापने की मशीन) और गैस रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाला उपकरण ‘बांसुरी’ भी मिला। यह उपकरण आमतौर पर एक सिलेंडर से दूसरे सिलेंडर में गैस ट्रांसफर करने के लिए उपयोग किया जाता है, जो पूरी तरह अवैध और खतरनाक है।
पुलिस ने की कार्रवाई
मौके पर मौजूद मकान मालिक सुभाष पाल की पत्नी रेखा से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि उन्होंने उक्त स्थान ऑटो चालक व गैस डिलीवरी करने वाले परमानंद महतो उर्फ पारो, निवासी बेगूसराय (बिहार) को मात्र 500 रुपये प्रतिमाह पर ऑटो खड़ा करने के लिए दिया था। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह अवैध गैस रिफिलिंग का काम करता है।
घटना की सूचना मिलते ही जिला पूर्ति अधिकारी गुलाबचंद और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी पुलकित वत्स भी मौके पर पहुंचे और जांच की। अधिकारियों ने जांच के दौरान अवैध रूप से गैस रिफिलिंग और सिलेंडरों के भंडारण की पुष्टि की।
थाना प्रभारी राजू सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी पुलकित वत्स की तहरीर पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। फरार आरोपी की तलाश की जा रही है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। पुलिस ने बताया कि इस तरह की अवैध गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि लोगों की जान-माल के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं।