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चुनावी व्यस्तता की आड़ में शहर में तन गए अवैध निर्माण

Wed, 16 Mar 2022 10:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 16 Mar 2022 10:54 PM IST
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Illegal construction in the city under the guise of election busyness
केस-1
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मंडुवाडीह चौराहे के पास गली में बडे़ क्षेत्रफल में व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा है। आलम यह है कि पतली गली में बन रहे होटल के निर्माण के लिए सामग्री तक सड़क पर डाली जा रही है। वीडीए में स्थानीय लोगों ने शिकायत भी की, मगर कोई जांच करने भी नहीं पहुंचा। अब निर्माण कार्य 50 फीसदी से ज्यादा पूरा भी कर लिया गया है।
केस-2
आशापुर के तिलमापुर में अवैध निर्माण को वीडीए ने सील किया था। मगर, यहां चोरी छिपे निर्माण किया जा रहा था। सोमवार की देर रात सारनाथ पुलिस ने काम रोक दिया था लेकिन दिन में फिर से निर्माण होने लगा। खास यह कि भवन को कुछ दिन पूर्व वीडीए के जेई प्रमोद ने सील भी किया था, इसके बाद भी निर्माण समझ से परे है। इस मामले में छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने वीडीए में शिकायत भी दर्ज कराई। मगर अवैध निर्माण पर वीडीए की ओर से कोई सुध नहीं लिया गया।
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यह अवैध निर्माण महज बानगी हैं, विधानसभा चुनाव के दौरान कर्मचारियों व अधिकारियों की व्यस्तता की आड़ में शहर में जगह-जगह अवैध निर्माण तन गए हैं। दो महीने पहले तक सील किए गए कई निर्माणों को अंदर ही अंदर पूरे भी कर लिया गया। अब सबसे बड़ी चुनौती वीडीए के सामने यह है कि अधिसूचना के बाद से खड़े हुए अवैध निर्माण कैसे चिन्हित किए जाएं।
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दरअसल, वाराणसी में ज्यादातर निर्माण बिना नक्शा पास कराए ही किए जाते हैं। प्रवर्तन टीम एक महीने में औसतन 100 से ज्यादा अवैध निर्माण पर कार्रवाई होती है। मगर निगरानी नहीं होने के कारण इन अवैध निर्माणों को न ही वैध करने की प्रक्रिया होती है और न ही इन पर प्रभावी कार्रवाई हो पाती है। यहां बता दें कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के नाम पर भी वीडीए महज खानापूर्ति कर भूल जाता है। यही कारण है कि समय बीतने के साथ ही इन्हें फिर से तैयार कर लिया जाता है।
शहर में कई अवैध इमारतें जस की तस
वीडीए ने कई इमारतों का ध्वस्तीकरण आदेश तो जारी कर दिया, मगर से पूरी तरह ध्वस्त नहीं करने के चलते वे जस की तस पड़ी हैं। नई सड़क पर मुख्य मार्ग पर ही पांच मंजिला अवैध निर्माण के कुछ हिस्से को ही ढहाया गया। अब भी वह इमारत वैसे ही खड़ी है। ऐसे ही अंधरा पुल के पास एक बड़ी इमारत कई साल से ध्वस्तीकरण का आदेश दबाए खड़ी है।

अवैध निर्माणों पर प्रवर्तन टीम के जरिए कार्रवाई कराई जाती है। सभी जोन से रिपोर्ट मांगकर अवैध निर्माणों की सूची बनवाई जा रही है। अवैध निर्माणों पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।- ईशा दुहन, उपाध्यक्ष, वीडीए
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