IIT BHU का 11वां दीक्षांत समारोह: मेडल पाकर खुशी से दमके मेधावियों के चेहरे, 1497 को मिली उपाधियां
आईआईटी बीएचयू के 11वें दीक्षांत समारोह में सोमवार को 54 मेधावियों को 105 मेडल और 1497 मेधावियों को उपाधियां दी गई। इसके बाद छात्र-छात्राओं के चेहरे की खुशी देखते बन रही थी।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में स्थापित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) के 11वें दीक्षांत समारोह में सोमवार को मेधा की चमक बिखरी। स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित समारोह में 54 मेधावियों को 105 मेडल और 1497 मेधावियों को उपाधियां दी गईं। इसके बाद छात्र-छात्राओं के चेहरे की खुशी देखते बन रही थी।
नीति आयोग के सदस्य व जेएनयू के चांसलर डॉ. विजय कुमार सारस्वत ने मेधावियों को पदक प्रदान किया। भावी इंजीनियरों का आह्वान करते हुए मुख्य अतिथि जेएनयू के चांसलर डॉ. विजय कुमार सारस्वत ने कहा कि एक इंजीनियर के तौर पर सोच हमेशा तार्किक होनी चाहिए।
आईआईटी बीएचयू के मेधावियों के लिए सोमवार का दिन बहुत ही खास रहा। संस्थान के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों के बीच स्वतंत्रता भवन में आयोजित 11वें दीक्षांत समारोह में उनके चेहरे दमक रहे थे। ऐसा हो भी क्यों नहीं, उन्होंने जो सपना था, वह सच हुआ। जैसे ही समारोह में मंच पर बुलाकर उन्हें पदक दिया गया, सब खिलखिला उठे।
नीति आयोग के सदस्य व जेएनयू के चांसलर डॉ. विजय कुमार सारस्वत मुख्य अतिथि तो बोर्ड आफ गवर्नर के चेयरमैन पद्मश्री डा. कोटा हरिनारायन ने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। कार्यक्रम की शुरुआत दीक्षांत परेड से हुई।
वैदिक मंत्रोच्चार और कुलगीत के बाद बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के अध्यक्ष पद्मश्री कोटा हरिनारायण ने दीक्षांत समारोह की औपचारिक शुभारंभ की घोषणा की। दीक्षांत समारोह में बेटियों ने एक बार फिर बाजी मारी। जहां श्लोका नेगी को प्रेसिडेंट मेडल से नवाजा गया वहीं इशिता अस्थाना को निदेशक मेडल प्रदान किया गया।
श्लोका नेगी को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, इशिता को निदेशक स्वर्ण पदक