{"_id":"59ccd0cf4f1c1bd7538b4c62","slug":"husband-sentenced-to-life-imprison-in-charge-of-dowry-murder","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज के लिए पत्नी को गला दबाकर मारा, पति को उम्रकैद, सास-ससुर और जेठ को भी जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहेज के लिए पत्नी को गला दबाकर मारा, पति को उम्रकैद, सास-ससुर और जेठ को भी जेल
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 28 Sep 2017 04:08 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक चित्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी में दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने एक आरोपी पति को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रताड़ना के लिए मृतका के सास-ससुर और जेठ को भी चार-चार साल के लिए जेल भेजा गया।
बुधवार को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी डॉ. एके सिंह की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति कृष्णा उर्फ किशन सोनकर को दोषी पाने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
वहीं, इस मामले में सास प्यारी देवी, ससुर नरायन सोनकर व जेठ दिनेश सोनकर को दहेज प्रताड़ना का दोषी पाते हुए 4-4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी अभियुक्तों को 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है।
विज्ञापन
अभियोजन के एडीजीसी मनोज यादव के अनुसार मंडुवाडीह निवासी वादी मुन्नूलाल सोनकर ने 10 अक्टूबर 2011 को सिगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में कहा गया था कि उसकी पुत्री अर्चना सोनकर की शादी 13 मई 2011 को सिगरा निवासी नरायन सोनकर के पुत्र कृष्णा उर्फ किशन सोनकर के साथ हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसकी पुत्री को ढाई लाख रुपये दहेज की मांग के लिए मारते-पीटते और प्रताड़ित करते थे।
इसकी जानकारी मिलने पर वादी ने ससुराल वालों को जल्द ही पैसा देने की बात कही थी लेकिन उनकी प्रताड़ना कम नहीं हुई। इसी बीच 8 अक्टूबर 2011 को पति कृष्णा उर्फ किशन सोनकर और उसके परिवारीजनों ने मिलकर अर्चना की गला दबाकर हत्या कर दी।
जानकारी मिलने पर वादी पहुंचा तो अर्चना का शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था। वादी ने आपत्ति जताते हुए पोस्टमार्टम कराने को कहा और सूचना पुलिस को दिया।
विज्ञापन
बुधवार को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी डॉ. एके सिंह की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति कृष्णा उर्फ किशन सोनकर को दोषी पाने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
वहीं, इस मामले में सास प्यारी देवी, ससुर नरायन सोनकर व जेठ दिनेश सोनकर को दहेज प्रताड़ना का दोषी पाते हुए 4-4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी अभियुक्तों को 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है।
विज्ञापन
अभियोजन के एडीजीसी मनोज यादव के अनुसार मंडुवाडीह निवासी वादी मुन्नूलाल सोनकर ने 10 अक्टूबर 2011 को सिगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में कहा गया था कि उसकी पुत्री अर्चना सोनकर की शादी 13 मई 2011 को सिगरा निवासी नरायन सोनकर के पुत्र कृष्णा उर्फ किशन सोनकर के साथ हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसकी पुत्री को ढाई लाख रुपये दहेज की मांग के लिए मारते-पीटते और प्रताड़ित करते थे।
इसकी जानकारी मिलने पर वादी ने ससुराल वालों को जल्द ही पैसा देने की बात कही थी लेकिन उनकी प्रताड़ना कम नहीं हुई। इसी बीच 8 अक्टूबर 2011 को पति कृष्णा उर्फ किशन सोनकर और उसके परिवारीजनों ने मिलकर अर्चना की गला दबाकर हत्या कर दी।
जानकारी मिलने पर वादी पहुंचा तो अर्चना का शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था। वादी ने आपत्ति जताते हुए पोस्टमार्टम कराने को कहा और सूचना पुलिस को दिया।