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सेवापुरी में लगेगा एचपीसीएल के एलपीजी का बाटलिंग प्लांट
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देश के पहले मॉडल ब्लाक सेवापुरी में अब रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। वर्षों से प्रस्तावित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) का एलपीजी बाटलिंग प्लांट सेवापुरी में स्थापित होगा। जिला प्रशासन इस प्लांट के लिए करीब 25 एकड़ जमीन अधिग्रहीत करेगा। इसके लिए एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में गठित कमेटी किसानों से सहमति बनाने के प्रयास में जुट गई है।
पूर्वी भारत में अपनी सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए एचपीसीएल ने 300 करोड़ रुपये का निवेश वाराणसी में करने की योजना बनाई है। इस प्लांट के स्थापित होने से एलपीजी की आपूर्ति निर्बाध तरीके से की जाएगी। इसमें कांडला से गोरखपुर तक करीब 2100 किलोमीटर लंबी एलपीजी पाइप लाइन बनाई जा रही है। इससे वाराणसी में प्रस्तावित प्लांट जुड़ेगा और यहां से पूर्वांचल व अन्य राज्यों को एलपीजी की आपूर्ति की जाएगी।
दरअसल, करखियांव औद्योगिक क्षेत्र में 90 एकड़ जमीन में से तीस एकड़ जमीन एचपीसीएल को एलपीजी बाटलिंग प्लांट के लिए दी जानी थी। 300 करोड़ की इस परियोजना को लेकर किसानों से बातचीत पर सहमति भी बनी, लेकिन बाद में अधिक मुआवजा की मांग को लेकर किसान अड़ गए। प्रशासन की ओर से किसानों को समझाने का प्रयास बहुत किया गया, लेकिन बात नहीं बनी। अब एचपीसीएल ने जिला प्रशासन से सेवापुरी में चिन्हित जमीन की मांग की है।
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गांवों में कराई जाएगी खुली बैठक
सेवापुरी के चिह्नित गांवों में जिला प्रशासन की ओर से सर्वे शुरू कर दिया गया है। इसमें अधिग्रहण से पहले चिह्नित किसानों की खुली बैठक होगी। किसानों की सहमति के बाद ही उनकी जमीन पर मुआवजा आदि तय किया जाएगा। जिला प्रशासन ने चिह्नित जमीनों का सर्वे शुरू कर दिया है।
एचपीसीएल का प्लांट सेवापुरी में लगेगा और इसके लिए प्रशासन जमीन अधिग्रहीत करेगा। जिलाधिकारी स्तर पर ही इसकी बैठकें की जा रही है।
- कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी
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पूर्वी भारत में अपनी सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए एचपीसीएल ने 300 करोड़ रुपये का निवेश वाराणसी में करने की योजना बनाई है। इस प्लांट के स्थापित होने से एलपीजी की आपूर्ति निर्बाध तरीके से की जाएगी। इसमें कांडला से गोरखपुर तक करीब 2100 किलोमीटर लंबी एलपीजी पाइप लाइन बनाई जा रही है। इससे वाराणसी में प्रस्तावित प्लांट जुड़ेगा और यहां से पूर्वांचल व अन्य राज्यों को एलपीजी की आपूर्ति की जाएगी।
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दरअसल, करखियांव औद्योगिक क्षेत्र में 90 एकड़ जमीन में से तीस एकड़ जमीन एचपीसीएल को एलपीजी बाटलिंग प्लांट के लिए दी जानी थी। 300 करोड़ की इस परियोजना को लेकर किसानों से बातचीत पर सहमति भी बनी, लेकिन बाद में अधिक मुआवजा की मांग को लेकर किसान अड़ गए। प्रशासन की ओर से किसानों को समझाने का प्रयास बहुत किया गया, लेकिन बात नहीं बनी। अब एचपीसीएल ने जिला प्रशासन से सेवापुरी में चिन्हित जमीन की मांग की है।
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गांवों में कराई जाएगी खुली बैठक
सेवापुरी के चिह्नित गांवों में जिला प्रशासन की ओर से सर्वे शुरू कर दिया गया है। इसमें अधिग्रहण से पहले चिह्नित किसानों की खुली बैठक होगी। किसानों की सहमति के बाद ही उनकी जमीन पर मुआवजा आदि तय किया जाएगा। जिला प्रशासन ने चिह्नित जमीनों का सर्वे शुरू कर दिया है।
एचपीसीएल का प्लांट सेवापुरी में लगेगा और इसके लिए प्रशासन जमीन अधिग्रहीत करेगा। जिलाधिकारी स्तर पर ही इसकी बैठकें की जा रही है।
- कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी