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Holi 2026: काशी में इस दिन मनाई जाएगी होली, विशेषज्ञ बोले- चंद्रग्रहण के चलते बदला रंग खेलने का समय
Thu, 26 Feb 2026 11:06 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 26 Feb 2026 11:06 AM IST
सार
Holi in Varanasi 2026: वाराणसी में होली का पर्व मनाने को लेकर बीएचयू और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की ज्योतिषीय गणना सामने आई है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं विशेषज्ञ...
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holi 2026
- फोटो : Adobe stock
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विस्तार
काशी समेत पूरे देश में होली के पर्व को लेकर लोगों में उत्साह है। रंग-अबीर और मुखौटे से बाजार सज गए हैं। वहीं परदेशियों कि घर आने की होड़ में ट्रेनों में भी भीड़ बढ़ गई है। वहीं कुछ जगहों पर होली किस दिन मनाई जाएगी इसे लेकर संशय है। ऐसे में आइए जानते हैं कि काशी में कब होली मनाई जाएगी।
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इस बार होलिका आधी रात के बाद या तड़के सुबह जलाई जाएगी तो उसके दो दिन बाद होली मनाई जाएगी। बीएचयू के अनुसार तीन मार्च को चंद्रग्रहण होने से होली नहीं मनाई जाएगी। पूरे देश में एक साथ चार मार्च को ही होली होगी। वहीं, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की ज्योतिषीय गणना कहती है कि तीन मार्च को भी काशीवासी होली खेल सकते हैं लेकिन दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 6.47 बजे तक रंग-अबीर लगाने का काम नहीं कर सकते।
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भद्रा काल में किया जा सकता है होलिका दहन
होलिका दहन को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार शुक्ल ने बताया कि होलिका का दहन दो मार्च की आधी रात 3:24 बजे के बाद भद्रा काल में होलिका दहन किया जा सकता है। वहीं, यदि भद्रा पूर्ण समाप्त होने की प्रतीक्षा की जाए तो सुबह 5:33 बजे के बाद भद्रारहित काल में भी दहन संभव है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह तिथि तीन मार्च में प्रवेश कर जाएगी।
प्रो. शुक्ल ने कहा कि तीन मार्च को भद्रा के कारण होली में दिन में रंग नहीं खेला जा सकेगा। ग्रहण काल शुरू होने से रंग-गुलाल, जलपान आदि वर्जित रहेगा। चंद्रग्रहण शाम 6:47 बजे के बाद समाप्त होगा। ग्रहण समाप्ति और स्नान के बाद ही पुनः अबीर-गुलाल खेला जाएगा।