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सोनभद्र में दरोगा ने की आत्महत्या, गश्त से लौटकर सर्विस रिवाल्वर से खुद को मारी गोली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Tue, 11 Dec 2018 10:55 AM IST
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सुजीत मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
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सोनभद्र के कोतवाली थाना क्षेत्र के हिंदुआरी अस्थायी चौकी इंचार्ज सुजीत मिश्रा (28) ने मंगलवार तड़के कोतवाली परिसर में स्थित आवास में सर्विस पिस्टल से बाएं कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सुजीत का आज जन्मदिन भी था।
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एसपी किरीट राठोड समेत अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। एसपी ने एएसपी को आत्महत्या के कारण का पता लगाने का निर्देश दिया है। पुलिस लाइन में दारोगा को गार्ड ऑफ आनर की सलामी दी गई।
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प्रयागराज जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के धरनीधर का पुरा निवासी सुजीत पुत्र स्व. पारसनाथ मिश्र हाल ही में अस्थायी चौकी हिंदुआरी के इंचार्ज बने थे। 2016 बैच में सुजीत को अपने पिता की जगह मृतक आश्रित में नौकरी मिली थी। उनके पिता पुलिस विभाग में मोटर परिवहन अधिकारी यातायात थे। उनकी मौत 2014 में हृदयगति रुक जाने से हो गई थी।
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सोमवार की रात दो कांस्टेबल के साथ वह जीप से गश्त पर निकले थे। भोर में वह कोतवाली आवास पर लौटे थे। चार बजे के करीब गश्त से लौटे कोतवाली के उप निरीक्षक डोलीराम गौतम अपने आवास की ओर जा रहे थे तो सुजीत के कमरे से मोबाइल फोन पर किसी से तेज आवाज में बात कर रहे थे।
डोलीराम अभी फ्रेश होने जा ही रहे थे कि सुजीत के कमरे से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। वह कमरे की ओर पहुंचे तो सुजीत बेड पर तड़प रहे थे। उनका दोनों पैर बेड से लटक रहा था। वर्दी और शूज नहीं निकाले थे। सूचना मिलते ही कोतवाल सीपी पांडेय समेत अन्य पुलिस कर्मी उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
फोरेंसिक टीम के जितेंद्र ने घटनास्थल से सर्विस पिस्टल, खोखा, खून लगा चादर का टुकड़ा, बिना खून लगा चादर का टुकड़ा, पिस्टल पर बह रहे खून का नमूना लिया। उधर सूचना पर पहले एसपी किरीट राठोड, एएसपी डॉ. अवधेश सिंह, डीएम अमित कुमार सिंह समेत अन्य अफसर पहुंचे। एसपी ने कहा कि सुजीत के मोबाइल का कॉल डिटेल खंगाला जा रहा है।
दारोगा बनने से पहले निजी कंपनी में थे इंजीनियर
दारोगा को गार्ड ऑफ आनर की सलामी
- फोटो : amar ujala
दो वर्ष पूर्व सब इंस्पेक्टर सुजीत मिश्रा की शादी हुई थी। दारोगा बनने से पूर्व वह एक निजी कंपनी में इंजीनियर थे। जिला अस्पताल में सदर तहसीलदार विकास पांडेय की मौजूदगी में दारोगा के शव का पंचायतनामा हुआ। सीएमएस डॉ. पीबी गौतम ने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके सिंह और निश्चेतक विशेषज्ञ डॉ. पीके सिंह के पैनल से पोस्टमार्टम करवाया।
जिला अस्पताल में दोपहर 12 बजे पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस विभागीय वाहन से शव को लेकर पुलिस लाइन चुर्क में स्थित शहीद स्थल पर पहुंची। यहां पर पुलिस के अधिकारी, कर्मी समेत अन्य लोगों ने सुजीत को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक, एएसपी, सीओ, सदर एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों ने शव को कंधा देकर वाहन पर ले जाकर रखा।
इस दौरान मृतक दारोगा के बिलख रहे बड़े भाई सुशील मिश्रा ने बताया कि दो भाइयों में सुजीत छोटा था। उनकी दो बहनें भी हैं। सुशील प्रयागराज में ट्रैवेल्स कंपनी का संचालन करते हैं। फरवरी 2016 में सुजीत की शादी प्रतापगढ़ के कुंडा की रहने वाली प्रियंका के साथ हुई थी। वर्तमान में उनकी भयोहू मां के साथ घर पर रहती है।
किन परिस्थितियों में सुजीत ने गोली मारकर आत्महत्या की कुछ समझ में नहीं आ रहा है। मेरी मां भी हृदय रोग से पीड़ित हैं। सुजीत ने फोन से मुझसे बोला था कि मां को लेकर मंगलवार को बीएचयू पहुंच जाइएगा। मैं इधर से आकर डॉक्टर को दिखा दूंगा। इसके बाद बाद साथ में घर चल कर जन्मदिन मनाऊंगा। भाई के यह शब्द सुन सभी के आंखें भरभरा जा रही थी।
उधर, सुजीत मिश्रा के आत्महत्या करने को लेकर पूरे दिन तरह-तरह की चर्चाएं होती रही। पुलिस विभाग से लेकर आमजन के बीच मित्रवत व्यवहार रखने वाले सुजीत ने अचानक मौत का रास्ता क्यों अपनाया, यह सवाल लोगों के जेहन में बार-बार उठता रहा। खुदकुशी करने का पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि सुजीत के मोबाइल की कॉल डिटेल आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
जिला अस्पताल में दोपहर 12 बजे पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस विभागीय वाहन से शव को लेकर पुलिस लाइन चुर्क में स्थित शहीद स्थल पर पहुंची। यहां पर पुलिस के अधिकारी, कर्मी समेत अन्य लोगों ने सुजीत को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक, एएसपी, सीओ, सदर एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों ने शव को कंधा देकर वाहन पर ले जाकर रखा।
इस दौरान मृतक दारोगा के बिलख रहे बड़े भाई सुशील मिश्रा ने बताया कि दो भाइयों में सुजीत छोटा था। उनकी दो बहनें भी हैं। सुशील प्रयागराज में ट्रैवेल्स कंपनी का संचालन करते हैं। फरवरी 2016 में सुजीत की शादी प्रतापगढ़ के कुंडा की रहने वाली प्रियंका के साथ हुई थी। वर्तमान में उनकी भयोहू मां के साथ घर पर रहती है।
किन परिस्थितियों में सुजीत ने गोली मारकर आत्महत्या की कुछ समझ में नहीं आ रहा है। मेरी मां भी हृदय रोग से पीड़ित हैं। सुजीत ने फोन से मुझसे बोला था कि मां को लेकर मंगलवार को बीएचयू पहुंच जाइएगा। मैं इधर से आकर डॉक्टर को दिखा दूंगा। इसके बाद बाद साथ में घर चल कर जन्मदिन मनाऊंगा। भाई के यह शब्द सुन सभी के आंखें भरभरा जा रही थी।
उधर, सुजीत मिश्रा के आत्महत्या करने को लेकर पूरे दिन तरह-तरह की चर्चाएं होती रही। पुलिस विभाग से लेकर आमजन के बीच मित्रवत व्यवहार रखने वाले सुजीत ने अचानक मौत का रास्ता क्यों अपनाया, यह सवाल लोगों के जेहन में बार-बार उठता रहा। खुदकुशी करने का पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि सुजीत के मोबाइल की कॉल डिटेल आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।