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मियाद बीतने के बाद भी काशी में नहीं बन सका हेरिटेज वॉक, स्मार्ट सिटी के नौ प्रोजेक्ट भी लटके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 23 Feb 2018 03:59 PM IST
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कबीरचौरा चौराहा
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के कबीरचौरा में बनने वाले हेरिटेज वॉक की मियाद सितंबर में बीत चुकी है। अब भी काम अधूरा है। साथ ही स्मार्ट सिटी योजना को परवान चढ़ाने की कोशिशों को शुरुआती दौर में ही बड़ा झटका लगा है। हेरिटेज वॉक के लिए नगर निगम की लापरवाही और धीमी गति से काम होने के कारण अब भी सीवेज पाइप लाइन डालने, पर्यटक सेंटर बनाने, वाटर एटीएम लगाने सहित कई काम शुरू ही नहीं हो पाए हैं।
अब नगर निगम इसे मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है मगर अभी इसे पूरा होने से में कम से कम तीन महीने का समय और लगेंगे। हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड आग्मेंटेशन योजना (हृदय) में कलातीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए इसकी शुरूआत की गई। ताकि वहां रहने वाले कलाकारों की कलाओं को जीवंत कर उसे देश-दुनिया से आने वाले सैलानियों से रूबरू कराया जा सके।
जुलाई में गुणवत्ता पर सवाल उठने के कारण काम भी रुक गया था। बाद में शुरू तो हुआ लेकिन पूरा नहीं हो पाया। गलियों में सीवेज लाइन का काम अधूरा है और दो सप्ताह से बंद है। 2.51 करोड़ की लागत से इस योजना में गलियों का सुंदरीकरण, हेरिटेज लाइट, कलाकारों के नेमप्लेट, शाइनेज, वाटर एटीएम, पार्किंग, सूचना कियास्क, वालआर्ट।
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इसके अलावा रामकटोरा चौराहे पर टिकट घर होगा, जहां से सैलानी टिकट लेकर पैदल वहां से हेरिटेज वाक का भ्रमण कर सकें। पिपलानी कटरा के समीप बाबा लोढ़े नाथ मंदिर का सुंदरीकरण किया जाना है।
नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि भूमिगत केबिल होने के कारण सीवेज पाइप लाइन बिछाने का काम रुका हुआ है। जल्द ही केबिल बगल में कर उसे पूरा कराया जाएगा। साथ ही पर्यटक सेंटर, वाटर एटीमए और मंदिर के सुंदरीकरण का काम मार्च तक पूरा करा लिया जाएगा।
एक नजर में धरोहर यात्रा पथ
23 दिसंबर 2016 को उद्घाटन
30 सितंबर 2017 को काम पूरा करने की मियाद
2.51 करोड़ रुपये इस योजना में होने हैं खर्च
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अब नगर निगम इसे मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है मगर अभी इसे पूरा होने से में कम से कम तीन महीने का समय और लगेंगे। हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड आग्मेंटेशन योजना (हृदय) में कलातीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए इसकी शुरूआत की गई। ताकि वहां रहने वाले कलाकारों की कलाओं को जीवंत कर उसे देश-दुनिया से आने वाले सैलानियों से रूबरू कराया जा सके।
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जुलाई में गुणवत्ता पर सवाल उठने के कारण काम भी रुक गया था। बाद में शुरू तो हुआ लेकिन पूरा नहीं हो पाया। गलियों में सीवेज लाइन का काम अधूरा है और दो सप्ताह से बंद है। 2.51 करोड़ की लागत से इस योजना में गलियों का सुंदरीकरण, हेरिटेज लाइट, कलाकारों के नेमप्लेट, शाइनेज, वाटर एटीएम, पार्किंग, सूचना कियास्क, वालआर्ट।
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इसके अलावा रामकटोरा चौराहे पर टिकट घर होगा, जहां से सैलानी टिकट लेकर पैदल वहां से हेरिटेज वाक का भ्रमण कर सकें। पिपलानी कटरा के समीप बाबा लोढ़े नाथ मंदिर का सुंदरीकरण किया जाना है।
नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि भूमिगत केबिल होने के कारण सीवेज पाइप लाइन बिछाने का काम रुका हुआ है। जल्द ही केबिल बगल में कर उसे पूरा कराया जाएगा। साथ ही पर्यटक सेंटर, वाटर एटीमए और मंदिर के सुंदरीकरण का काम मार्च तक पूरा करा लिया जाएगा।
एक नजर में धरोहर यात्रा पथ
23 दिसंबर 2016 को उद्घाटन
30 सितंबर 2017 को काम पूरा करने की मियाद
2.51 करोड़ रुपये इस योजना में होने हैं खर्च
स्मार्ट सिटी के लिए तीन महीने में टेंडर ही नहीं हो पाया फाइनल
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत देश भर में 2019-20 तक 100 शहरों को स्मार्ट बनाया जाना है।
वाराणसी में स्मार्ट सिटी योजना को परवान चढ़ाने की कोशिशों को शुरुआती दौर में ही बड़ा झटका लगा है। योजना के तहत पक्के महाल यानी पुराने बनारस में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए दस बिंदुओं पर कार्ययोजना तैयार की गई है लेकिन अब तक सिर्फ एक पर ही काम शुरू हो पाया है। बाकी नौ प्रोजेक्ट तीन महीने से लटके हैं। उनका ही टेंडर ही अब तक फाइनल नहीं हो पाया है।
जबकि, दिसंबर 2017 में ही स्मार्ट सिटी के 379 करोड़ के सभी दस प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई जानी थी। 154 करोड़ की लागत से बनने वाले इंटीग्रेटेड सिटी कमांड कंट्रोल को छोड़ बाकी नौ प्रोजेक्ट का अब तक टेंडर नहीं हो पाया है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक करसड़ा कूड़ा प्लांट, रोड्स जंक्शन, कान्हा उपवन, घाटों पर फोकस लाइटिंग, कुंड का सुंदरीकरण सहित नौ प्रोजेक्ट की लागत 80 लाख रुपये से 98 करोड़ रुपये तक है।
प्रोजेक्ट कास्ट कम होने के चलते बड़ी कंपनियां आ नहीं रही हैं। वहीं, छोटी और स्थानीय कंपनियां इसलिए शामिल नहीं हो पा रही हैं कि उनके पास मानक के अनुरूप संसाधन और तकनीक नहीं है। नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल का कहना है कि टेंडर में आ रहीें दिक्कतें जल्द दूर होंगी। उम्मीद है कि इसी महीने के अंत तक टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और मार्च से काम शुरू करा दिया जाएगा।