वाराणसी में बरसे बदरा: कई इलाकों में झमाझम बारिश, बदलते मौसम के साथ काशी में कोहरे की एंट्री
बरसात का मौसम लगभग बीतने को है, ऐसे में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। इस बीच कोहरे ने भी दस्तक दे दी है। इसका असर यह है कि आधी रात बाद से ओस की बूंदें गिरने लगी है।
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यूपी समेत पूर्वांचल में कई दिनों से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। गुरूवार दोपहर को भी वाराणसी के कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। बारिश से धूप से हो रही उमस में राहत मिली।बरसात का मौसम लगभग बीतने को है, ऐसे में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। इस बीच कोहरे ने भी दस्तक दे दी है। इसका असर यह है कि आधी रात बाद से ओस की बूंदें गिरने लगी है। इस कारण लोगों को सिहरन जैसा अहसास हो रहा है। मंगलवार की तुलना में बुधवार को कई ग्रामीण इलाकों में ज्यादा कोहरा दिखा। हालांकि दोपहर में धूप भी बहुत तीखी रही। इस वजह से अधिकतम तापमान भी बढ़कर एक बार फिर 35.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पिछले 24 घंटे में 9 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
जून से सितंबर तक का मौसम मानसून का माना जाता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इन चार महीनों में मानक के अनुसार 910 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए। अब जबकि सितंबर का महीना बीतने को है लेकिन चारो महीने को मिलाकर बारिश केवल 588 मिलीमीटर ही हो पाई है। अगर सितंबर महीने की बात करें तो मानक 246 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए लेकिन केवल 80 मिलीमीटर बारिश हो पाई है। यह आंकड़ा पिछले तीन महीनों से बहुत कम है। इसके पहले जुलाई में 134, अगस्त 195 और सितंबर 180 मिलीमीटर बारिश हुई है। ऐसे कहा जाए तो मानक के मुताबिक 33 प्रतिशत ही बारिश इस महीने में अब तक हो पाई है। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार अब मानसून का सीजन खत्म होने वाला है। जहां तक कोहरे की बात है तो तापमान में कमी और नमी बढ़ जाती है तो कोहरा पड़ना शुरू हो जाता है।
एक नजर में बारिश का आंकड़ा
2017 2018 2019 2020 2021 2022 2023
711 732 1002 918 961 870 588 मिलीमीटर(26 सितंबर)