ज्ञानवापी मामले पर सुनवाई पूरी: व्यासजी के तहखाने मामले पर चार अक्तूबर को आएगा आदेश, कोर्ट में आज क्या हुआ?
ज्ञानवापी स्थित व्यासजी के तहखाने को जिलाधिकारी को सौंपने संबंधी स्थानांतरण प्रार्थना पत्र पर शनिवार को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के अधिवक्ता रविकांत पांडेय ने आपत्ति दाखिल की।
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काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट ने शनिवार को ज्ञानवापी स्थित व्यासजी के तहखाने से जुड़े स्थानांतरण प्रार्थना पत्र को जिला जज की अदालत से खारिज करने की मांग की है। ट्रस्ट के अधिवक्ता रविकांत पांडेय ने कहा कि प्रार्थना पत्र में मूल वाद की संख्या और वर्ष का उल्लेख नहीं है। लिहाजा, यह अपूर्ण और त्रुटिपूर्ण है। इसे खारिज कर दिया जाए। जिला जज की अदालत अब मामले में चार अक्तूबर को सुनवाई करेगी। इसी दिन आदेश भी आ सकता है।
ज्ञानवापी स्थित व्यासजी के तहखाने को जिलाधिकारी को सौंपने संबंधी स्थानांतरण प्रार्थना पत्र पर शनिवार को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के अधिवक्ता रविकांत पांडेय ने आपत्ति दाखिल की। अधिवक्ता का कहना है कि स्थानांतरण प्रार्थना पत्र अपूर्ण है।
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वादी की दलीलों पर प्रतिवादी की आपत्ति
अदालत में शैलेंद्र कुमार पाठक व्यास के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि व्यासजी के तहखाने में दरवाजा नहीं है। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी किसी भी समय उस पर कब्जा कर सकती है। इस पर मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता मुमताज अहमद ने आपत्ति जताई और कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। ज्ञानवापी परिसर में एएसआई का सर्वे चल रहा है। जहां ताला बंद था, उसे भी खोला गया है। किसी भी तरह के कब्जे की बात गलत है। अदालत ने कहा कि दोनों पक्ष की बहस पहले ही सुन ली गई है।