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गाजीपुर में फर्जी अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया सील
ब्यूरो,अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Tue, 29 Aug 2017 09:06 PM IST
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एसीएमओ के नेतृत्व में जांच करने जखनिया पहुंची थी टीम
- फोटो : demo
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गाजीपुर जिले के भुड़कुड़ा पोस्ट ऑफिस रोड स्थित फर्जी ढंग से चल रहे एक निजी अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील कर दिया। मंगलवार को एसीएमओ और नोडल अधिकारी डॉ. आरके सिन्हा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन और चिकित्सक की डिग्री की जांच के लिए संचालक से अभिलेख मांगा।
संचालक जांच टीम को कोई भी अभिलेख नहीं दिखा पाया। टीम के सदस्यों ने संचालक के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया। जांच टीम का नेतृत्व कर रहे नोडल अधिकारी और एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा को शिकायत मिली की जखनिया क्षेत्र में फर्जी ढंग से अस्पताल का संचालन हो रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीएमओ डॉ. डीपी सिन्हा, सीएचसी प्रभारी योगेंद्र सिंह यादव और कोतवाली पुलिस के साथ पोस्ट ऑफिस रोड स्थित संचालित हो रहे एक दवा की दूकान पर पहुंचे। टीम ने जब संचालक से अस्पताल का रजिस्ट्रेशन दिखाने को कहा तो वह टाल-मटोल करने लगा।
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टीम के सदस्य योगेंद्र यादव जब दूकान के पास का दरवाजा खोल अंदर गए तो अंदर का दृश्य देख अवाक रह गए। कमरे के अंदर बेड पर दो मरीज सोए हुए थे। मरीजों ने बताया कि बच्चेदानी और अपेंडिक्स के आपरेशन के लिए भर्ती किया गया है।
जांच टीम ने महिला और पुरुष मरीज को सीएचसी भेजवाने के साथ संचालक से पूछताछ करनी शुरू कर दी। जांच टीम द्वारा रजिस्ट्रेन प्रपत्र, चिकित्सक की डिग्री सहित कई अभिलेख मांगे गए लेकिन संचालक द्वारा कुछ भी नहीं दिखाया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस की निगरानी में फर्जी अस्पताल को सील कर दिया। साथ ही फर्जी अस्पताल के संचालक के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया। इस संबंध में नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि फर्जी अस्पताल का संचालन कर रहे संचालक महेंद्र सिंह मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही अस्पताल को सील कर पुलिस को देख-रेख के लिए सौंप दिया गया है।
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संचालक जांच टीम को कोई भी अभिलेख नहीं दिखा पाया। टीम के सदस्यों ने संचालक के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया। जांच टीम का नेतृत्व कर रहे नोडल अधिकारी और एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा को शिकायत मिली की जखनिया क्षेत्र में फर्जी ढंग से अस्पताल का संचालन हो रहा है।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीएमओ डॉ. डीपी सिन्हा, सीएचसी प्रभारी योगेंद्र सिंह यादव और कोतवाली पुलिस के साथ पोस्ट ऑफिस रोड स्थित संचालित हो रहे एक दवा की दूकान पर पहुंचे। टीम ने जब संचालक से अस्पताल का रजिस्ट्रेशन दिखाने को कहा तो वह टाल-मटोल करने लगा।
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टीम के सदस्य योगेंद्र यादव जब दूकान के पास का दरवाजा खोल अंदर गए तो अंदर का दृश्य देख अवाक रह गए। कमरे के अंदर बेड पर दो मरीज सोए हुए थे। मरीजों ने बताया कि बच्चेदानी और अपेंडिक्स के आपरेशन के लिए भर्ती किया गया है।
जांच टीम ने महिला और पुरुष मरीज को सीएचसी भेजवाने के साथ संचालक से पूछताछ करनी शुरू कर दी। जांच टीम द्वारा रजिस्ट्रेन प्रपत्र, चिकित्सक की डिग्री सहित कई अभिलेख मांगे गए लेकिन संचालक द्वारा कुछ भी नहीं दिखाया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस की निगरानी में फर्जी अस्पताल को सील कर दिया। साथ ही फर्जी अस्पताल के संचालक के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया। इस संबंध में नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि फर्जी अस्पताल का संचालन कर रहे संचालक महेंद्र सिंह मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही अस्पताल को सील कर पुलिस को देख-रेख के लिए सौंप दिया गया है।