वाराणसी में कोरोना मरीजों का गलत आंकड़ा जारी कर फंसा स्वास्थ्य विभाग, हैरत में पड़े लोग
मंगलवार को सुबह 11 बजे की मेडिकल बुलेटिन जारी की गई उसमें 201 नए मरीजों की सूचना के साथ ही एक्टिव मरीजों की संख्या 2454 की जगह 4454 लिखकर जारी कर दिया गया। इधर जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी हुई तो लोग हैरत में पड़ गए कि अचानक 2201 नए मरीज कैसे बढ़ गए।
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कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लाख प्रयासों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की एक छोटी सी गलती से लोग मंगलवार को उस समय हैरत में पड़ गए जब अचानक कोरोना मरीजो की संख्या दो हजार से ज्यादा बढ़ गई। करीब आधे घंटे तक सूचना जारी होने के बाद उसे स्वास्थ्य विभाग ने डिलीट किया तब जाकर सही आंकड़ा फिर से जारी किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में मिलने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों, अस्पताल में होने वाली मौत,डिस्चार्ज को लेकर रोजाना सुबह 11 बजे और शाम को 6 बजे मेडिकल बुलेटिन जारी किया जाता है। मंगलवार को सुबह 11 बजे की मेडिकल बुलेटिन जारी की गई उसमें 201 नए मरीजों की सूचना के साथ ही एक्टिव मरीजों की संख्या 2454 की जगह 4454 लिखकर जारी कर दिया गया।
इधर जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी हुई तो लोग हैरत में पड़ गए कि अचानक 2201 नए मरीज कैसे बढ़ गए। इस बीच बीएचयू के जीव विज्ञान के प्रोफ़ेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने इसको ट्वीट कर जिला प्रशासन से आंकड़े दुरुस्त कराने की मांग की। स्वास्थ्य विभाग को करीब आधे घंटे बाद गलत पोस्ट की याद आई और को डिलीट कर नया पोस्ट जारी किया गया जिसमें 2454 कर दिया गया।
बगैर स्लॉट बुकिंग वेक्सीनेशन के लिए भीड़
वाराणसी में 18 से 44 साल आयु वर्ग के लोगों के लिए बिना स्लॉट बुकिंग के टीकाकरण कराने की सूचना से मंगलवार को कई केंद्रों पर लोग उमड़ पड़े। लोग काउंटर पर पहुंचकर पंजीकरण कराने गए तो कर्मचारियों ने ऐसा कोई आदेश न होने की बात कहकर मना कर दिया। इस दौरान लोगों की कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई।
हालत यह रही कि लोग टीकाकरण केंद्रों के लिए बने नोडल अधिकारियों को फोन कर वस्तुस्थिति की जानकारी लेने लगे। कई केंद्रों पर पंजीकरण के लिए मारामारी की स्थिति रही। चौकाघाट स्थित आयुर्वेद कॉलेज पर ऑन द स्पॉट पंजीकरण न होने का नोटिस भी चस्पा करना पड़ा, जबकि लहरतारा स्थित रेलवे मंडलीय अस्पताल में लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया।