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प्रदेश के पर्यटक स्थलों पर लगेंगे हथकरघा उत्पादों के स्टाल
ब्यूरो,अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 11 May 2017 10:54 PM IST
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खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी
- फोटो : अमर उजाला
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रेशम कोये का उचित मूल्य किसानों को दिलाकर इसका उत्पादन बढ़ाने के लिए रेशम धागाकरण इकाइयों की स्थापना होगी। सर्किट हाउस में गुरुवार को यह जानकारी प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, वस्त्रोद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम और निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सत्यदेव पचौरी ने दी।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों पर हथकरघा उत्पादों के स्टाल आवंटित किए जाएं।
मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि हथकरघा बुनकरों के लिए न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने के लिए अन्य प्रदेशों में लागू नीति के आधार पर प्रावधान बनाया जाएगा। उत्पादों के विपणन व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार अपने स्तर से मेले और प्रदर्शनियों का आयोजन करेगी।
हथकरघा बुनकर सहकारी समितियों के प्रभावी संचालन के लिए समय-समय पर एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। बताया कि इस वर्ष वाराणसी जनपद से 150 शिल्पियों ने प्रदेश के विभिन्न मेलों में भाग लिया है।
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विभागीय अधिकारियों कोे निर्देश दिया कि इन सभी शिल्पियों को प्रोत्साहित किया जाए और विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाए।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों पर हथकरघा उत्पादों के स्टाल आवंटित किए जाएं।
मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि हथकरघा बुनकरों के लिए न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने के लिए अन्य प्रदेशों में लागू नीति के आधार पर प्रावधान बनाया जाएगा। उत्पादों के विपणन व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार अपने स्तर से मेले और प्रदर्शनियों का आयोजन करेगी।
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हथकरघा बुनकर सहकारी समितियों के प्रभावी संचालन के लिए समय-समय पर एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। बताया कि इस वर्ष वाराणसी जनपद से 150 शिल्पियों ने प्रदेश के विभिन्न मेलों में भाग लिया है।
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विभागीय अधिकारियों कोे निर्देश दिया कि इन सभी शिल्पियों को प्रोत्साहित किया जाए और विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाए।