Varanasi: ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले पर एक और याचिका दायर, 28 को सुनवाई, जानिए क्या है मांग
सिविल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट सीनियर डिविजन महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में मंगलवार को मुख्तार अहमद अंसारी की तरफ से दाखिल वाद में पक्षकार बनने के लिए ज्ञानवापी के मां शृंगार गौरी मुकदमे की वादिनी राखी सिंह ने अर्जी लगाई है।
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सिविल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट सीनियर डिविजन महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में मंगलवार को मुख्तार अहमद अंसारी की तरफ से दाखिल वाद में पक्षकार बनने के लिए ज्ञानवापी के मां शृंगार गौरी मुकदमे की वादिनी राखी सिंह ने अर्जी लगाई है। अधिवक्ता शिवम गौड़ ने उनकी तरफ से पक्ष रखा है।
अधिवक्ता के मुताबिक, मुख्तार अहमद अंसारी ने ज्ञानवापी परिसर में चादर चढ़ाने की मांग की है। इसका राखी सिंह ने विरोध किया और अर्जी लगाकर ज्ञानवापी परिसर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की संपत्ति बताया। साथ ही पक्षकार बनने की अर्जी लगाई और पक्षकार को सुनने के बाद ही मामले के निस्तारण की मांग की है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी। इस मामले में मां शृंगार गौरी मुकदमे की चार अन्य महिलाओं ने पक्षकार बनने का आवेदन पहले ही दिया था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। साथ ही कुछ अन्य आवेदकों की पक्षकार बनने की अर्जी खारिज कर दी थी।
आपको बताएं, लोहता निवासी मुख्तार अहमद अंसारी, कच्चीबाग निवासी अनीसुर्रहमान और तीन अन्य ने वाद दाखिल कर राज्य सरकार, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी, डीएम और पुलिस आयुक्त को पक्षकार बनाया था। साथ ही अदालत से अनुरोध किया कि विपक्षीगण को मना किया जाए कि ज्ञानवापी परिसर स्थित तीन दृश्य मजार और अदृश्य मजार पर चादर चढ़ाने, फातिहा पढ़ने और वार्षिक उर्स का आयोजन करने के अधिकार से वंचित न किया जाए।