ज्ञानवापी केस में मध्यस्थता फेल: दोनों पक्ष अड़े; हिंदू बोले- ज्ञानवापी हमारी, मुस्लिम भी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे
Varanasi News: ज्ञानवापी मामले में मध्यस्थता प्रस्ताव असफल रहा। मंगलवार को दोनों पक्षों ने मध्यस्थता से इंकार कर दिया। हिंदू पक्ष के पक्षकार ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर हमारा है, इसमें मध्यस्थता नहीं होगी।
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Varanasi News: ज्ञानवापी मामले को लेकर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों की मध्यस्थता के प्रस्ताव को लेकर कचहरी के मनोरंजन कक्ष में बैठक विफल साबित हुई। दोनों ही पक्ष मध्यस्थता के लिए सहमत नहीं हुए। हिंदू पक्ष के पक्षकार ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर हमारा है, उसमें हमें कोई मध्यस्थता नहीं चाहिए। मुस्लिम पक्ष भी कानूनी लड़ाई के लिए तैयार हैं।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी विवाद का निपटारा लोक अदालत के माध्यम से करने की पहल की है। इसकी पहली बैठक मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायालय वाराणसी में हुई। इसमें प्रारंभिक बातचीत के दौरान मध्यस्थता प्रस्ताव असफल रहा। दोनों पक्ष मध्यस्थता के लिए राजी नहीं हुए।
इससे पहले ही मुस्लिम पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ताओं और अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के सचिव एसएम यासीन ने कहा था कि वे शांतिपूर्ण समाधान का सम्मान करते हैं, लेकिन ज्ञानवापी जैसे अत्यंत संवेदनशील, मालिकाना हक और पूजा स्थल अधिनियम-1991 से जुड़े सांविधानिक मामलों का फैसला लोक अदालत या मध्यस्थता के माध्यम से नहीं होना चाहिए। कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। किसी भी स्थिति में अपना दावा नहीं छोड़ेंगे इसलिए ऐसी वार्ताओं में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है।
हिंदू पक्ष भी मध्यस्थता के पक्ष में नहीं
सुलह-समझौत से मामले का हल निकालने के पक्ष में हिंदू पक्ष भी नहीं है। ज्ञानवापी मामले की मुख्य वादिनी और पैरोकार भी असहमत हैं। वादिनी लक्ष्मी देवी ने कहा कि वह किसी भी तरह के समझौते या मध्यस्थता के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि हिंदू पक्ष भी बीच का रास्ता नहीं चाहता है। पूरी ज्ञानवापी भूमि पर मंदिर का अधिकार मिलना चाहिए।