विधायक विजय मिश्र ने मुख्तार और बृजेश के खेमे से दूर रह कर बनाया अलग मुकाम
बीते तीन दशक से ज्यादा समय से पूर्वांचल में अपराध और स्थानीय स्तर की सियासत का जब भी जिक्र होता है तो एमएलसी बृजेश सिंह और मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी का नाम लोगों की जुबान पर जरूर आता है।
हालांकि ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र को जानने वाले यही कहते हैं कि उन्होंने दुआ-सलाम सबको किया, लेकिन हमेशा अपना एक अलग मुकाम बना कर रखा। बृजेश और मुख्तार खेमे से उन्होंने निश्चित दूरी बनाकर रखी।
विधायक विजय मिश्र को बालू, गिट्टी, पत्थर और जमीन का कारोबार बहुत भाया। इन सबके बलबूते उन्होंने बहुत कुछ हासिल किया। एक समय था जब चर्चा होती थी कि विजय मिश्र और मुख्तार अंसारी बहुत करीबी हैं तो उन्होंने लोगों के सामने साबित किया कि ऐसी कोई बात नहीं है और वह सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की छत्रछाया में भदोही जिले की राजनीति तक ही खुद को सीमित कर रख रहे हैं।
बृजेश सिंह से दूरी की चर्चाएं हुईं तो विजय मिश्र ने यह जताया और दिखाया कि उनसे कटु संबंध नहीं हैं। इसी तरह से प्रयागराज के अतीक अहमद से भी विजय मिश्र के संबंध कैसे हैं, यह कभी उजागर नहीं हुआ और दोनों की राह अलग-अलग ही दिखी।
विजय मिश्र ने अलग राह पकड़ी, लेकिन जिले के बाहर के रसूखदारों से उनके संबंध कभी खराब नहीं हुए। भदोही जिले में अपनी धमक बनाए रखी और दूसरों को हमेशा तगड़ी चुनौती दी।
रिश्तेदार की संपत्ति कब्जा करने के प्रयास के आरोप में जेल भेजे गए विजय मिश्र को जानने वाले कहते हैं कि वह इन मुश्किलों से पार पाने की जुगत में लगे हैं। आरोपों से बरी होंगे और जल्द ही भदोही जिला पंचायत चुनाव की राजनीति में व्यस्त होने की कोशिश करेंगे।