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GST का वाराणसी में विरोध, कपड़ों कारखानों के नहीं उठे शटर, करघों की खटर-पटर

Thu, 29 Jun 2017 02:23 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Thu, 29 Jun 2017 02:23 AM IST
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GST protest in varanasi, cloth factory is on strike
220 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार दो दिन में प्रभावित - फोटो : अमर उजाला
कपड़ों पर जीएसटी लगाए जाने के विरोध में तीन दिवसीय बंदी के दूसरे दिन बुधवार को भी बनारसी वस्त्र कारोबार पूरी तरह ठप रहा। दुकानों-कारखानों के शटर नहीं उठे और करघों की खटर-पटर भी बंद रही।
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कारोबार से जुड़े लोगों के  मुताबिक दो दिन में 220 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ है। बनारसी वस्त्रोद्योग से जुड़े प्रमुख संगठनों ने 30 जून को बनारस बंद के आह्वान के मद्देनजर इस दिन भी कारोबार न करने का एलान किया है। साड़ी के साथ रेशम, जरी आदि के व्यापारी भी विरोध में उतरे और दुकानें बंद रखीं।
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जीएसटी के विरोध में बुधवार को जगह-जगह बैठकों का दौर चलता रहा। जहां इक्का-दुक्का दुकानें खुलीं भी तो उन्हें विरोध करने वालों ने बंद करा दिया। बनारसी साड़ी डीलर्स एसोसिएशन की बैठक महामंत्री हाजी जियाउद्दीन के आवास पर हुई।
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इसमें बनारसी वस्त्र कारोबार से जुड़े सौ से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए। अध्यक्ष हाजी ओबैदुर्रहमान ने कहा कि कपड़ों पर टैक्स वापस लिया जाना चाहिए।

संचालन कर रहे कोषाध्यक्ष हाजी अब्दुल रहीम ने बताया कि हम जो माल भेजते हैं उनमें से 20 से 30 प्रतिशत वापसी होती है। ऐसे में हमें यह नहीं बताया जा रहा है कि जो माल वापस होगा क्या उसका टैक्श भी हमें वापस किया जाएगा? महामंत्री ने एलान किया कि 30 जून को भी बनारसी वस्त्र से जुड़े कारोबारी बंद रखेंगे। 

वहीं चौक स्थित अग्रवाल भवन में बनारसी वस्त्र उद्योग संगठन की बैठक हुई जिसमें 30 जून को भी बंदी जारी रखने का निर्णय लिया गया। उ

कई देशों से प्रतिदिन 20 करोड़ से ज्यादा का होता है व्यापार

GST protest in varanasi, cloth factory is on strike
30 जून को भी प्रमुख संगठनों की ओर से बंदी का एलान - फोटो : अमर उजाला
 बनारसी वस्त्र कारोबार की बंदी का असर करीब आधा दर्जन देशों के कपड़ा व्यवसाय पर भी पड़ा है। बनारसी कपड़ों के सबसे बड़े कद्रदान सिंगापुर, मलयेशिया, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, श्रीलंका, सऊदी अरब आदि देशों की करोड़ों की डिलेवरी अटकी हुई है। वहां के आयातकों के फोन बार-बार आ रहे हैं पर उन्हें फिलहाल अभी उत्पाद उपलब्ध न करा पाने की मजबूरी बता दी जा रही है। स्थानीय व्यापारी कोई नया ऑर्डर भी नहीं ले रहे हैं। 

इससे जुड़े कामगार हैं प्रभावित
- पावरलूम, मशीन वीविंग, डाई, पालिश, पैच, रफू, साड़ी का कारोबार करने वाले व्यवसाई।

इन क्षेत्रों में रहा सन्नाटा
- सरैयां, जलालीपुरा, कमलगड़हा, अलईपुरा, पीलीकोठी, बड़ीबाजार, काली महल, गोलघर, आसभैरव, चौक, अदलपुरा, मदनपुरा, मालती बाग, रेवड़ी तालाब, कमच्छा, रामापुरा, बजरडीहा, गौरीगंज, लल्लापुरा, शिवाला, लोहता, कोटवां आदि।

बंद रही लोहता साड़ी मंडी 
लोहता साड़ी मंडी भी बुधवार को बंद रही। लोहता साड़ी व्यापार मंडल के अध्यक्ष सेराज अहमद ने बनारसी साड़ी को जीएसटी से मुक्त रखने की मांग उठाई। बंद के दौरान हुई सभा में शंभू साव, निजाम, नौशाद, गणेश सिंह, राजेश केशरी, सहित काफी लोग रहे।

बंद को सफल बनाने के लिए बनाई रणनीति
काशी व्यापार प्रतिनिधि मंडल की साधारण सभा की बैठक मंडल अध्यक्ष राकेश जैन की अध्यक्षता में मारवाड़ी युवक संघ में हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर जीएसटी के विरोध में 30 जून की बंदी की रणनीति बनाई गई।

संरक्षक घनश्याम जायसवाल ने प्रस्ताव रखा कि 29 जून को शाम चार बजे से मछोदरी पार्क से बाइक जुलूस निकालकर पूरे शहर का भ्रमण किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि अगर जीएसटी का सरलीकरण नहीं किया गया तो अनिश्चितकालीन बंदी की जाएगी। 
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