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सरकारी अस्पताल को बना डाला डिस्कोथेक, डॉक्टर लगा रहे थे ठुमके, 'तड़प' रहे थे मरीज
ब्यूरो,अमर उजाला, भदोही
Updated Tue, 26 Sep 2017 05:38 PM IST
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सरकारी अस्पताल में डांस
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के भदोही जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के एक सरकारी अस्पताल को डॉक्टर ने अपने बेटे के बर्थडे के खातिर डिस्कोथेक बना डाला। तेज संगीत पर डॉक्टरों ने खूब ठुमके लगाए। अस्पताल में भर्ती मरीज परेशान होते रहे।
घटना जिले के सीएचसी गोपीगंज की है। यहां तैनात एक चिकित्सक ने बेटे की बर्थ डे पार्टी के लिए अस्पताल को ही डिस्कोथेक बना दिया। पार्टी में डॉक्टर आर्केस्ट्रा की धुन पर थिरकते नजर आए।
इस दौरान अस्पताल में भर्ती मरीज तेज आवाज से परेशान होते रहे। वहीं, उपचार कराने आए कई मरीज वहां का माहौल देखकर बैरंग लौट गए।
सीएचसी गोपीगंज के एक चिकित्सक की मनमानी रविवार को मरीजों के लिए आफत बन गई। चिकित्सक की ओर से अस्पताल परिसर में ही बेटे की बर्थ डे पार्टी रखी गई थी। इसमें एक आर्केस्ट्रा ग्रुप को बुलाने के साथ आठ बड़े-बड़े साउंड बाक्स लगवाए गए थे।
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पार्टी में चिकित्सक दंपती के अलावा अस्पताल का ज्यादातर स्टाफ भी शामिल था। सभी गीतों पर ठुमके लगाते दिखे। इससे उपचार कराने अस्पताल आए तमाम मरीज वापस लौट गए। साउंड बाक्स की तेज आवाज की वजह से कई मरीज तो गेट से ही लौट गए।
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घटना जिले के सीएचसी गोपीगंज की है। यहां तैनात एक चिकित्सक ने बेटे की बर्थ डे पार्टी के लिए अस्पताल को ही डिस्कोथेक बना दिया। पार्टी में डॉक्टर आर्केस्ट्रा की धुन पर थिरकते नजर आए।
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इस दौरान अस्पताल में भर्ती मरीज तेज आवाज से परेशान होते रहे। वहीं, उपचार कराने आए कई मरीज वहां का माहौल देखकर बैरंग लौट गए।
सीएचसी गोपीगंज के एक चिकित्सक की मनमानी रविवार को मरीजों के लिए आफत बन गई। चिकित्सक की ओर से अस्पताल परिसर में ही बेटे की बर्थ डे पार्टी रखी गई थी। इसमें एक आर्केस्ट्रा ग्रुप को बुलाने के साथ आठ बड़े-बड़े साउंड बाक्स लगवाए गए थे।
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पार्टी में चिकित्सक दंपती के अलावा अस्पताल का ज्यादातर स्टाफ भी शामिल था। सभी गीतों पर ठुमके लगाते दिखे। इससे उपचार कराने अस्पताल आए तमाम मरीज वापस लौट गए। साउंड बाक्स की तेज आवाज की वजह से कई मरीज तो गेट से ही लौट गए।
डीएम को हुई खबर तो रोका प्रोग्राम
देर रात मामला डीएम के संज्ञान में आने के बाद कार्यक्रम को आनन-फानन में रोक दिया गया। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों को तेज आवाज में बजाने पर रोक लगा रखी है।
तीमारदार आशीष तिवारी और सुशील बिंद ने कहा कि वह परिवार के एक सदस्य का उपचार कराने के लिए रविवार की रात 11 बजे अस्पताल आए। यहां का माहौल देख उन्होंने निजी अस्पताल में इलाज कराया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आने के बाद रोका गया। अस्पताल परिसर में ऐसे आयोजन नियमों के खिलाफ हैं। चेतावनी देने के साथ ही संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
तीमारदार आशीष तिवारी और सुशील बिंद ने कहा कि वह परिवार के एक सदस्य का उपचार कराने के लिए रविवार की रात 11 बजे अस्पताल आए। यहां का माहौल देख उन्होंने निजी अस्पताल में इलाज कराया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आने के बाद रोका गया। अस्पताल परिसर में ऐसे आयोजन नियमों के खिलाफ हैं। चेतावनी देने के साथ ही संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।