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रेलकर्मचारियों के लिये खुशखबरी, अब एक कार्ड से होगा मुफ्त इलाज
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Fri, 28 Jul 2017 10:37 AM IST
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देश के 38 लाख रेल कर्मचारियों के लिये खुशखबरी है। अब उन्हें इलाज के लिए उन्हें इधर से उधर नहीं भटकना पड़ेगा। रेलकर्मी बस एक कार्ड से देश के किसी भी कोने में मुफ्त में इलाज करा सकते हैं।
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इसके लिए भारतीय रेलवे ने देश के करीब ढाई सौ बड़े अस्पतालों के साथ करार किया है। इन सभी अस्पतालों में रिटायर या कार्यरत रेलकर्मी किसी भी बड़े-से- बड़े रोग का इलाज करा सकते हैं। इस योजना को रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने लागू कर दिया है।
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वर्तमान में रेलकर्मी अगर बीमार होते हैं, तो उन्हें नजदीकी रेल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया जाता है। गंभीर बीमारी होने पर मुंबई रेफर किया जाता है। उन्हें दूसरे हॉस्पिटल में इलाज कराने से पहले जोन के चीफ मेडिकल अफसर (सीएमडी) को भेजा जाता है।
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कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रोगी का इलाज होता है लेकिन इस सुविधा के शुरू होने से रेलकर्मियों को कागजी प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रेलवे अस्पताल से रेफर होने के बाद नजदीकी हॉस्पिटल में इलाज करा सकते हैं।
कैशलेस व्यवस्था के तहत इलाज की सुविधा
Hospital
पूर्व मध्य रेलवे कर्मचारी यूनियन बक्सर शाखा के अध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि रेलवे ने देश के करीब ढाई सौ बड़े प्राइवेट अस्पतालों के साथ करार किया है। इन अस्पतालों में कैशलेस व्यवस्था के तहत इलाज की सुविधा होगी।
प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान सर्वर के माध्यम से रेलवे के डॉक्टर भी मरीज पर नजर रख सकते हैं। गाजीपुर के पारस हॉस्पिटल, रुबन हॉस्पिटल सहित अन्य अस्पतालों में बिना कैश के रेलकर्मी एवं उनके परिवार का इलाज होगा।
रेलवे इलाज पर आने वाले खर्च को वहन करेगा। हाल के दिनों में रेलवे ने कर्मचारी हित के लिए कई काम किए हैं। इस सुविधा के लागू होने से करीब 38 लाख रेलकर्मियों को फायदा होगा। वहीं रेलवे अपने कर्मचारियों को अब आधार कार्ड से जोड़ रहा है, ताकि ऑनलाइन उसकी सारी जानकारियां मिल सकें।
आधार कार्ड से जुड़ने के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल को भी सारी सूचनाएं मिल जाएंगी। देश में फिलहाल करीब 25 लाख रेलवे कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। करीब 13 लाख रिटायर हो चुके हैं। इन सभी कर्मियों को इसका फायदा मिलेगा।
प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान सर्वर के माध्यम से रेलवे के डॉक्टर भी मरीज पर नजर रख सकते हैं। गाजीपुर के पारस हॉस्पिटल, रुबन हॉस्पिटल सहित अन्य अस्पतालों में बिना कैश के रेलकर्मी एवं उनके परिवार का इलाज होगा।
रेलवे इलाज पर आने वाले खर्च को वहन करेगा। हाल के दिनों में रेलवे ने कर्मचारी हित के लिए कई काम किए हैं। इस सुविधा के लागू होने से करीब 38 लाख रेलकर्मियों को फायदा होगा। वहीं रेलवे अपने कर्मचारियों को अब आधार कार्ड से जोड़ रहा है, ताकि ऑनलाइन उसकी सारी जानकारियां मिल सकें।
आधार कार्ड से जुड़ने के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल को भी सारी सूचनाएं मिल जाएंगी। देश में फिलहाल करीब 25 लाख रेलवे कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। करीब 13 लाख रिटायर हो चुके हैं। इन सभी कर्मियों को इसका फायदा मिलेगा।