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Varanasi News: पुराने इलेक्ट्रॉनिक कचरे से घर बैठे मिलेगा कैश, घर से ई-कचरा उठाएगी एजेंसी
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पुराने सामान के मिलेंगे दाम, नगर निगम ने एडमाइबिन को सौंपी जिम्मेदारी
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। स्मार्ट और स्वच्छ काशी की दिशा में नगर निगम ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निस्तारण और रीसाइक्लिंग के लिए नई पहल की है। नगर निगम ने शहर में ई-कचरा एकत्र करने और उसके सुरक्षित निस्तारण के लिए एडमाइबिन को अधिकृत किया है। अब शहरवासी घर में पड़े पुराने और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को सामान्य कचरे में फेंकने की बजाय बेच सकेंगे और उसके बदले पैसे भी ले सकेंगे।
नगर निगम के अनुसार, एडमाइबिन की टीम घर-घर जाकर ई-कचरा एकत्र करेगी। कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, संस्थानों और उद्योगों से भी ई-कचरा लिया जाएगा। नागरिक ई-कचरा पिकअप कराने और पुराने सामान के बदले कीमत पाने के लिए हेल्पलाइन नंबर 8335955000 पर संपर्क कर सकते हैं। फोन पर समय तय होने के बाद टीम संबंधित स्थान पर पहुंचकर ई-कचरा एकत्र करेगी। मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर, प्रिंटर, की-बोर्ड, यूपीएस, टेलीविजन, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, चार्जर, केबल, पंखे, वाटर प्यूरीफायर, लाइट, बैटरी समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। एकत्र किए गए ई-कचरे को अधिकृत चैनलों से सुरक्षित तरीके से रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शहरवासियों से ई-कचरे को सामान्य कचरे से अलग रखने और सुरक्षित रीसाइक्लिंग में सहयोग करने की अपील की है।
हर साल हजारों टन पैदा हो रहा ई-वेस्ट
वाराणसी महानगर में हर साल हजारों टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा पैदा होने का अनुमान है। घरों, दुकानों और कार्यालयों से निकलने वाले ई-कचरे में मोबाइल, चार्जर, एलईडी लाइट, पंखे, कंप्यूटर और छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रमुख हैं। तकनीकी उपकरणों की बढ़ती खपत के साथ ई-कचरे की मात्रा भी लगातार बढ़ रही है।
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क्यों जरूरी है सही रीसाइक्लिंग
पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे में फेंकने या जलाने से उनमें मौजूद सीसा, पारा और कैडमियम जैसी हानिकारक धातुएं पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इनके कारण मिट्टी और भूजल भी प्रदूषित हो सकता है। ऐसे में ई-कचरे को अलग एकत्र कर अधिकृत माध्यम से रीसाइक्लिंग कराना जरूरी है।
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माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। स्मार्ट और स्वच्छ काशी की दिशा में नगर निगम ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निस्तारण और रीसाइक्लिंग के लिए नई पहल की है। नगर निगम ने शहर में ई-कचरा एकत्र करने और उसके सुरक्षित निस्तारण के लिए एडमाइबिन को अधिकृत किया है। अब शहरवासी घर में पड़े पुराने और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को सामान्य कचरे में फेंकने की बजाय बेच सकेंगे और उसके बदले पैसे भी ले सकेंगे।
नगर निगम के अनुसार, एडमाइबिन की टीम घर-घर जाकर ई-कचरा एकत्र करेगी। कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, संस्थानों और उद्योगों से भी ई-कचरा लिया जाएगा। नागरिक ई-कचरा पिकअप कराने और पुराने सामान के बदले कीमत पाने के लिए हेल्पलाइन नंबर 8335955000 पर संपर्क कर सकते हैं। फोन पर समय तय होने के बाद टीम संबंधित स्थान पर पहुंचकर ई-कचरा एकत्र करेगी। मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर, प्रिंटर, की-बोर्ड, यूपीएस, टेलीविजन, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, चार्जर, केबल, पंखे, वाटर प्यूरीफायर, लाइट, बैटरी समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। एकत्र किए गए ई-कचरे को अधिकृत चैनलों से सुरक्षित तरीके से रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शहरवासियों से ई-कचरे को सामान्य कचरे से अलग रखने और सुरक्षित रीसाइक्लिंग में सहयोग करने की अपील की है।
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हर साल हजारों टन पैदा हो रहा ई-वेस्ट
वाराणसी महानगर में हर साल हजारों टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा पैदा होने का अनुमान है। घरों, दुकानों और कार्यालयों से निकलने वाले ई-कचरे में मोबाइल, चार्जर, एलईडी लाइट, पंखे, कंप्यूटर और छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रमुख हैं। तकनीकी उपकरणों की बढ़ती खपत के साथ ई-कचरे की मात्रा भी लगातार बढ़ रही है।
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क्यों जरूरी है सही रीसाइक्लिंग
पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे में फेंकने या जलाने से उनमें मौजूद सीसा, पारा और कैडमियम जैसी हानिकारक धातुएं पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इनके कारण मिट्टी और भूजल भी प्रदूषित हो सकता है। ऐसे में ई-कचरे को अलग एकत्र कर अधिकृत माध्यम से रीसाइक्लिंग कराना जरूरी है।