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आईवीएफ ट्रीटमेंट के नाम पर धोखाधड़ी: दिल्ली की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ पर वाराणसी में मुकदमा, पीएम मोदी को भेजा पत्र

Thu, 14 Apr 2022 12:05 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 14 Apr 2022 12:05 PM IST
सार

आईवीएफ ट्रीटमेंट के नाम पर 53 मरीजों के साथ धोखाधड़ी के आरोप में वाराणसी के कैंट थाने में दिल्ली की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनिका खन्ना पर मुकदमा दर्ज किया गया है। 

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Fraud in name of IVF treatment World Renowned IVF specialist Dr Manika Khanna sued in Varanasi letter sent to PM Modi
डॉ. मनिका खन्ना के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

वाराणसी में निसंतान दंपतियों को बच्चे की आस दिखाकर 53 महिलाओं के जीवन से खिलवाड़ और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। 100 फीसदी संतान प्राप्ति के वादे के साथ खोले गए आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन ट्रीटमेंट) सेंटर के द्वारा दर्जनों महिलाओं से धोखाधड़ी के मामले में दिल्ली की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनिका खन्ना के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए शिकायती पत्र के आधार पर यह कार्रवाई हुई है।

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आरोप है कि प्रति महिला औसतन ढाई से तीन लाख रुपए वसूलने के बाद भी किसी भी महिला की गोद नहीं भरी। वजह पूछने पर अमानवीय व्यवहार किया गया। वाराणसी निवासी बीके सिंह ने प्रधानमंत्री को लिखे शिकायती पत्र में 12 बिंदुओं को उठाते हुए बताया है कि डॉ. मनिका खन्ना दिल्ली की एक प्रतिष्ठित स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। देश के कई शहरों में उनके आईवीएफ सेंटर है।

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गलत ट्रीटमेंट के चलते महिलाओं की बिगड़ी हालत

वाराणसी के पांडेयपुर क्षेत्र में डॉ. मनिका का आईवीएफ सेंटर था। वर्ष 2019 में अलग-अलग शहरों से तकरीबन 53 लोग बच्चे की आस में अपने घर की महिला को इस सेंटर में लेकर आए। आरोप है कि किसी भी महिला की बच्चे की आस पूरी नहीं हुई। सभी का आईवीएफ ट्रीटमेंट पहली, दूसरी और तीसरी बार भी फेल हो गया। कई महिलाओं की तो गलत ट्रीटमेंट के चलते हालत बिगड़ गई। उन्हें अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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बीके सिंह ने पत्र में आरोप लगाया कि मरीजों के इलाज का रिकॉर्ड मांगा गया तो नहीं मिला। पता लगा कि किसी का कोई रिकॉर्ड नहीं है। आरोप है डॉ. मनिका के आईवीएफ सेंटर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के मानक के अनुरूप कोई प्रशिक्षित स्टाफ भी नहीं था। पीड़ितों ने इसका विरोध किया तो डॉ. मनिका ने 22 सितंबर 2021 को पांडेयपुर स्थित सेंटर को ही बंद कर दिया।

इस तरह से दो साल से ज्यादा समय तक हम सभी का शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण हुआ। इस बारे में जब पीड़ितों ने डॉ. मनिक से बात की तो अमानवीय व्यवहार किया गया। जिससे निसंतान दंपतियों को गहरा आघात पहुंचा। इतना ही नहीं वाराणसी में सेंटर बंद होने के बाद जब हम लोग दिल्ली के जनकपुरी स्थित उनके आईवीएफ सेंटर गए तो डॉक्टर मनिका ने मिलने से मना कर दिया।

हम लोगों को अपने सेंटर से भगाने के लिए पुलिस बुला ली। पीड़ित ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग व पुलिस-प्रशासन में शिकायत का कोई असर नहीं हुआ तो पीएम को पत्र लिखकर गुहार लगाई। उक्त शिकायती पत्र के आधार पर कैंट पुलिस ने धारा 420 और 406 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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