पूर्व सैनिक कल्याण निगम के कर्मचारियों ने चार महीने में हड़पे 15 लाख रुपये
वाराणसी के मकबूल आलम रोड स्थित उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के क्षेत्रीय कार्यालय के चार कर्मचारियों ने फरवरी 2019 से मई 2019 के बीच 15 लाख 46 हजार 222 रुपये हड़पे थे। इसके लिए लेखाकार संजय कुमार वर्मा, महेंद्र प्रताप सिंह, लेखा लिपिक देवव्रत राय और कंप्यूटर ऑपरेटर रवींद्र कुमार आपस में मिलीभगत कर फील्ड कर्मचारियों की वेतन शीट की सूची में अपना विवरण डाल देते थे। इसके बाद फील्ड कर्मचारियों का पैसा अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे।
पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक महाप्रबंधक (संचालन) अवकाश प्राप्त कर्नल सुनील चतुर्वेदी के अनुसार, चारों कर्मचारियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत कागजात में हेराफेरी कर धोखाधड़ी और कूटरचना से निगम के कोष को क्षति पहुंचाई है।
फरवरी 2019 से मई 2019 के बीच के निगम के कोष से हुए भुगतान की जांच कराई गई। सामने आया कि संजय कुमार वर्मा ने 328750 रुपये, महेंद्र प्रताप सिंह ने 432118 रुपये, देवव्रत राय ने 402832 रुपये और रवींद्र कुमार ने 367490 रुपये अपने निजी खाते में जमा कर लिए।
चारों आरोपी कर्मचारियों की जिम्मेदारी वेतन बिल तैयार करना, वेतन भुगतान के लिए फील्ड कर्मचारियों की सूची तैयार करना, एकाउंट से संबंधित काम करना और एक-दूसरे के कामकाज में सहयोग करना था। मगर, चारों कर्मचारी अपना मूल काम छोड़ कर निगम के कोष का पैसा हड़पने में जुट गए। इसलिए चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के लिए कैंट थाने में तहरीर दी गई।
महेंद्र ने अपने बेटे के खाते में भी जमा किया पैसा
पूर्व सैनिक कल्याण निगम के क्षेत्रीय कार्यालय के कर्मचारियों ने खुद के खाते में ही नहीं बल्कि अपने परिजनों के बैंक खाते में भी पैसा जमा किया। अवकाश प्राप्त कर्नल सुनील चतुर्वेदी द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के अनुसार, महेंद्र प्रताप सिंह ने अपने बेटे गौरव कुमार सिंह के खाते में निगम के 15032 रुपये स्थानांतरित किए थे। इसलिए गौरव की भूमिका की जांच भी कैंट पुलिस कर रही है।
पूर्व सैनिक कल्याण निगम के गबन से संबंधित मामला बेहद गंभीर है। इसलिए निगम के कोष से हुए भुगतान संबंधी सभी कागजात विवेचक को कब्जे में लेने के लिए कहा गया है। आशंका है कि गबन का मामला 15 लाख रुपये से काफी ज्यादा हो सकता है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - प्रभाकर चौधरी, एसएसपी