BHU का स्थापना दिवस आज : झांकी में कृत्रिम मकड़ा, 4 किमी तक उड़ेंगे ड्रोन; फॉर्मूला-स्टाइल रेस कार भी दौड़ेगी
महामना की बगिया काशी हिन्दू विश्वविद्यालय आज अपना स्थापना दिवस मना रहा है। इसकी तैयारी काफी दिनों से चल रही थी। इस अवसर पर आईआईटी की तरफ से आकर्षक झांकी निकाली जाएगी।
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Foundation Day of Bhu 2025 : बीएचयू के स्थापना दिवस पर कैंपस में चलती-फिरती लैब और अत्याधुनिक ड्रोन देखने को मिलेंगे। आईआईटी-बीएचयू की झांकियों में स्पाइडर बॉट यानी कि कृत्रिम मकड़ा, रोबोट, मल्टी लोकेशन डिलीवरी ड्रोन, लैंडिंग या रिटर्न-टू-लॉन्च ड्रोन समेत कई अत्याधुनिक ड्रोन करीब चार किलोमीटर तक उड़ेंगे।
फॉर्मूला-स्टाइल रेस कार और उबड़-खाबड़ सड़कों पर हाई परफॉर्मेंस वाले वाहन भी राजपुताना हॉस्टल से मालवीय भवन और मधुबन तक दौड़ेगे।
ट्रेलर पर ब्लॉकचेन-आधारित समाधान, बायोमार्कर की पहचान के लिए एक माइक्रोचिप डिवाइस और बैक्टीरिया रोगों से बचाव के लिए नैनो मेडिसिन की प्रदर्शनी होगी।
बीएचयू की झांकी एलबीएस हॉस्टल, स्कूलों की नरिया गेट और आईआईटी की सुबह 10 बजे राजपुताना क्रॉसिंग से चलेगी। सभी झांकियां मालवीय भवन पर 5 मिनट के लिए रुकेंगी और फिर एमएमवी से होते हुए मधुबन पार्क पर समाप्त हो जाएंगी।
मोटर खराब होने के बाद भी ड्रोन उड़ेगा
संस्थान में निर्मित घावों के त्वरित उपचार करने वाली पांच छालों के अर्क से बनी आयुर्वेदिक औषधि पंचवल्कल से मरीजों का इलाज किया जाएगा। फिलहाल सर सुंदरलाल अस्पताल में पंचवल्कल का इस्तेमाल रोगियों पर हो रहा है।
एरो मॉडलिंग क्लब द्वारा इंटर आईआईटी ड्रोन सहित कई उन्नत ड्रोन प्रोटोटाइप का अनावरण होगा। इसमें एक फॉल्ट-टॉलरेंट कंट्रोल सिस्टम है, जो मोटर विफलता के बाद भी ड्रोन को उड़ने में मदद करेगा। साथ ही ये लैंडिंग या रिटर्न-टू-लॉन्च को सुनिश्चित करता है।
रोबोटिक्स क्लब एफपीजीए-पावर्ड वेयरहाउस बॉट का प्रदर्शन करेगा। इसरो का स्वायत्त हवाई नेविगेशन, खुरदरी सतहों पर चलने वाला स्पाइडर बॉट या कृत्रिम मकड़ा आदि प्रमुख आकर्षण होंगे।
दिखेगा महाकुंभ का शैक्षिक परिदृश्य
- शिक्षा संकाय की ओर से संस्कृत भाषी रोबोट का प्रदर्शन किया जाएगा। महाकुंभ के शैक्षिक परिदृश्य और गुरुकुल को भी दिखाया जाएगा।
- वाणिज्य संकाय के छात्र-छात्रा एआई आधारित इनोवेशन, मशीन लर्निंग एल्गोरिदम, मार्केटिंग स्ट्रेटजी और ग्लोबल एआई ट्रेंड्स को बताया जाएगा।
- सर सुंदर लाल अस्पताल की झांकी में वृद्ध मरीजों का इलाज करते हुए दिखाया जाएगा।
- सीएचबीएस की छात्राएं एनी बेसेंट और महामना द्वारा विश्वविद्यालय स्थापित करने के कामों पर अभिनय करेंगी।
- एनएसएस अपने निष्ठा, ड्यूटी, सुरक्षा, मदद और न्याय की झांकी निकालेगा।
- कला संकाय को बीएचयू की आधारशिला और महामना द्वारा स्थापित किए जाने के प्रसंग को बताया जाएगा।
- आयुर्वेद संकाय पंचमहाभूत, त्रिदोष, सप्त धातु और लोक पुरुष साम्य सिद्धांतों के आधार पर चरक संहिता, सुश्रुत संहिता और अष्टांग की प्रक्रिया दिखाएगा।
- संगीत एवं मंच कला संकाय की झांकी में महाकुंभ और अमृत मंथन के साथ गीत-संगीत की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
- विधि संकाय अशिक्षा, दहेज प्रथा, विधवा विवाह, सती प्रथा, और बाल विवाह की शिकार और आजादी के बाद नारी की स्थितियों को दर्शाएगा।