वाराणसी: पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य बोलीं- मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर किया गया पेश, विपक्ष पर साधा निशाना
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भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने महिला सुरक्षा पर दिए उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए उनकी बातों को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है।
विपक्ष के हंगामे का जवाब देते हुए पूर्व राज्यपाल ने कहा कि वह वाल्मीकि जयंती पर दलित बस्ती में कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान वहां पर दलित और मुस्लिम बहनों को वह केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दे रही थीं। मैंने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की भी व्यवस्था है, जहां महिलाओं को त्वरित न्याय मिलता है। पीएम मोदी और योगी सरकार के नेतृत्व वाली सरकार महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार काम कर रही है। विपक्ष ने मेरे बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है।
बता दें कि बेबी रानी मौर्य ने कहा था कि एक महिला अधिकारी और एक सब-इंस्पेक्टर थाने में बैठते हैं, लेकिन मैं एक बात कहूंगी कि शाम पांच बजे के बाद, अंधेरा होने के बाद कभी भी थाने न जाएं। अगली सुबह जाओ। यदि जाना अति आवश्यक हो तो अपने भाई, पति या पिता को साथ ले जाना। इस टिप्पणी के बाद, विपक्षी दल के नेताओं ने मौर्य की टिप्पणियों के लिए उनकी खिंचाई की।
आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक ट्वीट किया कि बेटी बचाओ...। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी इस बयान की निंदा की। वहीं, कांग्रेस ने भी बयान की निंदा करते हुए कहा कि इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था का क्या हाल है।