गंगा की लहरों पर सफर: 13 दिन में कोलकाता से लहुरीकाशी पहुंचा गंगा विलास क्रूज; 15 विदेशी पर्यटक कर रहे सफर
कोलकाता से 12 अक्तूबर को रवाना हुआ गंगा विलास क्रूज 13 दिन के सफर के बाद गाजीपुर पहुंचा। क्रूज पर स्विट्जरलैंड के 15 पर्यटक सवार हैं। 28 अक्तूबर को उनके वाराणसी पहुंचने का कार्यक्रम है, जहां वे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन, गंगा आरती और सारनाथ सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे।
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गंगा की लहरों पर सफर करते हुए आलीशान गंगा विलास क्रूज 13 दिन बाद गाजीपुर पहुंचा। क्रूज पर स्विट्जरलैंड के 15 पर्यटक भारत की सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने के लिए यात्रा कर रहे हैं। क्रूज ने शहर के रजागंज के पास गंगा किनारे पड़ाव डाला। विदेशी पर्यटकों के आगमन से क्षेत्र में गंगा के जलमार्ग और पर्यटन की संभावनाओं को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
गाइड सबेचाची भट्टाचार्य ने बताया कि विदेशी पर्यटक गंगा नदी के रास्ते भारत की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक स्थलों को करीब से देखने के लिए निकले हैं। इसी क्रम में क्रूज हमीद सेतु के पास गंगा नदी में लंगर डालकर रुका। क्रूज पर सवार 15 विदेशी पर्यटकों के 28 अक्तूबर को वाराणसी पहुंचने का कार्यक्रम है।
काशी विश्वनाथ मंदिर में करेंगे दर्शन
भारत में निर्मित गंगा विलास क्रूज 12 अक्तूबर को कोलकाता से रवाना हुआ था। वाराणसी पहुंचने पर क्रूज के रामनगर स्थित मल्टी मॉडल टर्मिनल पर ठहरने की योजना है। यहां से पर्यटक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे और विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में शामिल होंगे।
इसके अलावा उनके कार्यक्रम में सारनाथ और ऐतिहासिक चुनार किले का भ्रमण भी शामिल है। गंगा के रास्ते विदेशी पर्यटकों की इस यात्रा से क्षेत्र में नदी पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।