फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Foreign students finding studies in science agriculture and marketing at BHU appealing

बीएचयू: विदेशियों को भा रही विज्ञान, कृषि और बाजार की पढ़ाई; आयुर्वेद, मैनेजमेंट और कानूनी शिक्षा से दूर

Tue, 01 Sep 2026 01:23 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Tue, 01 Sep 2026 01:23 PM IST
सार

विदेशियों को बीएचयू में विज्ञान, कृषि और बाजार की पढ़ाई भा रही है। वहीं आयुर्वेद, मैनेजमेंट, म्यूजिक, कानूनी शिक्षा से दूरी बना रहे हैं। 928 विदेशी विद्यार्थियों में सबसे ज्यादा 220 विज्ञान के अभ्यर्थी हैं। 

विज्ञापन
Foreign students finding studies in science agriculture and marketing at BHU appealing
बीएचयू कैंपस में जाते छात्र- छात्रा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विदेशी छात्रों को बीएचयू में विज्ञान, राजनीति, दर्शन, बाजार, कृषि और सामाजिक मुद्दों की पढ़ाई भा रही है। दूसरी ओर धर्म, आयुर्वेद, मैनेजमेंट, म्यूजिक, कानून और पर्यावरण शिक्षा में रुझान बेहद कम या न के बराबर है। बीएचयू में 928 विदेशी विद्यार्थियों में से सबसे ज्यादा 220 विज्ञान के विद्यार्थियों ने 10 से अधिक विषयों में पढ़ाई के लिए प्रवेश लिया है।

विज्ञापन


विदेशी छात्रों को बीएचयू में नई शिक्षा नीति के तहत यूजी के सात और पीजी के नौ कोर्स की पढ़ाई करनी होगी। जबकि सामान्य तौर पर यूजी के 43 और पीजी के 230 कोर्स में दाखिला लिया जा सकता है। पीएचडी के लिए 183 विषयों का विकल्प और डिप्लोमा-सर्टिफिकेट के 29 कोर्स दिए गए हैं। 
विज्ञापन


928 विदेशी छात्रों में कला संकाय के 22 विषयों में 170, कृषि और कॉमर्स में 150-150 दाखिले हुए हैं। सोशल साइंस में 130, विजुअल आर्ट्स में 50, विधि और संगीत में 40 से कम, मैनेजमेंट में 20 और संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान में 10 से कम विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। वहीं, पर्यावरण संस्थान, आयुर्वेद संकाय और शिक्षा संकाय में इक्का-दुक्का ही विदेशी दाखिले हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका के छात्रों को सबसे ज्यादा भाता है बीएचयू
बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका के छात्रों को बीएचयू सबसे ज्यादा भाता है। सबसे ज्यादा 369 छात्र बांग्लादेश, 344 नेपाल और 41 विद्यार्थी श्रीलंका से आए हैं। इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी एशिया से 91, ऑस्ट्रेलिया से तीन, अमेरिका और सिंगापुर से छह-छह विद्यार्थी आए हैं। इराक, तिब्बत, ईरान, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, सोमालिया, अरब, इजराइल आदि देशों के छात्र और छात्राएं भी यहां पढ़ाई करने आते हैं। इन विद्यार्थियों को भी नई शिक्षा नीति के तहत प्रवेश दिया जाएगा।

ओपन एयर जिम की भी सुविधा
बीएचयू में कुल चार अंतरराष्ट्रीय छात्रावासों के 506 कमरों में 973 विदेशी छात्रों को ठहराया जा सकता है। कुल फीस 27,500 रुपये प्रति सेमेस्टर है। इनके लिए ओपन एयर जिम, साइबर लाइब्रेरी, आईसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर और गेस्ट हाउस कॉम्प्लेक्स की व्यवस्था की गई है।

पीएचडी करने के लिए लेना होगा एस-5 वीजा
बीएचयू में रिसर्च करने के लिए पीएचडी छात्रों के पास एस-5 वीजा होना जरूरी है। तिब्बत के छात्रों की डेवलपमेंट फीस माफ रहेगी। वहीं, ईरानी छात्रों को अपने दूतावास से नो ऑब्जेक्शन लेटर लेकर जमा करना होता है। कोई भी अंतरराष्ट्रीय छात्र रेजिडेंशियल परमिट के बिना विदेश या भारत के अंदर यात्रा नहीं कर सकता। यात्रा के दौरान जाने या आने पर रेजिडेंशियल परमिट दिखानी होगी। कोर्स पूरा होने पर आखिरी बार जाते समय विद्यार्थियों को संबंधित एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारी को रेजिडेंशियल परमिट जमा करना होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed