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एकता और भाईचारे के लिए एकजुट हों सभी मजहब
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 03 May 2016 01:56 AM IST
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सर्व धर्म सम्मेलन
उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि देश की एकता और सद्भाव को कमजोर करने की साजिश को कामयाब होने नहीं दिया जाएगा। कहा कि हिंदुस्तान की अखंडता हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई एकता में निहित है। ये बातें उन्होंने सांस्कृतिक संकुल में श्री नदेसर रामलीला समिति की ओर से आयोजित ‘सर्व धर्म सम्मेलन’ में कहीं।
उन्होंने कहा कि देश फासीवाद की गिरफ्त में चला गया है इसलिए जरूरी है कि संविधान और धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखने वाले राजनीतिक, सामाजिक संगठन ऐसी सांप्रदायिक
ताकतों के खिलाफ खड़े हों। गंगा जमुनी तहजीब की नजीर काशीवासियों से उन्होंने अपील की सभी एकता और भाईचारे को मजबूत कराने के लिए एकजुट होकर लड़ें। काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा कि काशी गंगा जमुनी संस्कृति का शहर है। हमें इस तहजीब को बचाए रखना होगा।
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संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि एकता विरोधी ताकतें कितनी भी कोशिशें करें काशी की धरती इस संस्कृति को बिखरने नहीं देगी। धर्मवीर सिंह, मौलाना बातिन नोमानी, मोहम्मद इस्तकबाल कुरैशी ने भी अपनी बातें रखीं।
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उन्होंने कहा कि देश फासीवाद की गिरफ्त में चला गया है इसलिए जरूरी है कि संविधान और धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखने वाले राजनीतिक, सामाजिक संगठन ऐसी सांप्रदायिक
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ताकतों के खिलाफ खड़े हों। गंगा जमुनी तहजीब की नजीर काशीवासियों से उन्होंने अपील की सभी एकता और भाईचारे को मजबूत कराने के लिए एकजुट होकर लड़ें। काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा कि काशी गंगा जमुनी संस्कृति का शहर है। हमें इस तहजीब को बचाए रखना होगा।
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संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि एकता विरोधी ताकतें कितनी भी कोशिशें करें काशी की धरती इस संस्कृति को बिखरने नहीं देगी। धर्मवीर सिंह, मौलाना बातिन नोमानी, मोहम्मद इस्तकबाल कुरैशी ने भी अपनी बातें रखीं।