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लोक कलाकारों का हो स्वास्थ्य बीमा, हर माह मिले 10 हजार
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अखिल भारतीय विविध विधा लोक उत्थान सेवा संस्था के पदाधिकारियों की ऑनलाइन बैठक में लोक कलाकारों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई। अध्यक्षता करते हुए यश भारती सम्मान से सम्मानित बिरहा गायक विष्णु यादव ने कहा कि आज आवश्यकता है कि कलाकारों के लिए सरकार के द्वारा कोई ठोस कदम उठाया जाना चाहिए। कलाकारों को स्वास्थ्य बीमा कार्ड दिया जाए। जो कलाकार पेंशनभोगी नहीं है, उनको 10 हजार प्रति माह दी जाए।
बैठक में विष्णु यादव ने कहा कि ज्यादातर गांव से कलाकार इस विधा से जुड़े हैं। इस समय शादी विवाह उत्सव में होने वाले कार्यक्रम भी प्रभावित हैं। लोक कलाकारों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। विगत दो वर्षों से लॉकडाउन के चलते कलाकारों के कार्यक्रम बंद हैं। ढोलक, हारमोनियम, करताल खूंटी पर टंगे हैं। बैठक में रमेश चंद्र यादव, विट्ठल दास अग्रवाल, मुन्ना लाल सोनकर, जवाहर लाल यादव, मुन्ना लाल यादव, काशीनाथ यादव, लाल जी कनौजिया ने विचार व्यक्त किया।
संस्कृति विभाग में नहीं मिलते अधिकारी
बैठक में संस्था के पदाधिकारियों ने इस बात पर भी अफसोस जताया कि विगत चार वर्षों से संस्कृतिविभाग में ताला बंद है। एक भी अधिकारी व कर्मचारी विभाग में नहीं मिलते। जिसके कारण एक भी कलाकार को योजना का लाभ नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति में सरकार को चाहिए की संस्कृति विभाग में एक कर्मचारी अवश्य नियुक्त कर ऑफिस खुलवाने का प्रयास करें ।
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बैठक में विष्णु यादव ने कहा कि ज्यादातर गांव से कलाकार इस विधा से जुड़े हैं। इस समय शादी विवाह उत्सव में होने वाले कार्यक्रम भी प्रभावित हैं। लोक कलाकारों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। विगत दो वर्षों से लॉकडाउन के चलते कलाकारों के कार्यक्रम बंद हैं। ढोलक, हारमोनियम, करताल खूंटी पर टंगे हैं। बैठक में रमेश चंद्र यादव, विट्ठल दास अग्रवाल, मुन्ना लाल सोनकर, जवाहर लाल यादव, मुन्ना लाल यादव, काशीनाथ यादव, लाल जी कनौजिया ने विचार व्यक्त किया।
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संस्कृति विभाग में नहीं मिलते अधिकारी
बैठक में संस्था के पदाधिकारियों ने इस बात पर भी अफसोस जताया कि विगत चार वर्षों से संस्कृतिविभाग में ताला बंद है। एक भी अधिकारी व कर्मचारी विभाग में नहीं मिलते। जिसके कारण एक भी कलाकार को योजना का लाभ नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति में सरकार को चाहिए की संस्कृति विभाग में एक कर्मचारी अवश्य नियुक्त कर ऑफिस खुलवाने का प्रयास करें ।
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