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वाराणसी में बाढ़: 16 वार्ड और 24 गांवों के 4082 लोग प्रभावित, शिविरों में 2690 लोग; 49 नावों ने संभाला मोर्चा

Wed, 09 Sep 2026 05:16 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Wed, 09 Sep 2026 05:16 PM IST
सार

वाराणसी में गंगा का जलस्तर कम होने से बाढ़ का पानी उतरने लगा है। वहीं 4082 लोग अब भी प्रभावित हैं। उधर, 131 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई। 389 बच्चे, 49 बुजुर्ग और 16 गर्भवती महिलाएं राहत शिविरों में हैं। 

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Floods in Varanasi 4,082 people across 16 wards and 24 villages affected 2,690 people in relief camps
वाराणसी में उतरने लगा बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगा का जलस्तर अब घटने लगा है, लेकिन बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ से अब तक 4082 लोग प्रभावित हुए हैं और 877 परिवारों को घर छोड़ना पड़ा है। 16 वार्ड-मोहल्लों और 24 गांवों तक बाढ़ का असर पहुंचा है। वहीं, 1129 किसानों की 131.144 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। राहत शिविरों में बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं समेत बड़ी संख्या में लोग शरण लिए हुए हैं।

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बाढ़ का असर 16 वार्ड-मोहल्लों और 24 गांवों तक दर्ज किया गया है। शहरी क्षेत्र में सारैया, सालारपुर, नक्खीघाट, पुल कोहना, रसूलगढ़, ढेलवरिया, बघवा नाला, शैलपुत्री, रुप्पनपुर और पैगंबरपुर समेत कई इलाकों में पानी पहुंचा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाढ़ ने कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है। 
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जिले में 1129 किसानों की 131.144 हेक्टेयर फसल प्रभावित होने का आंकड़ा सामने आया है। 13 गांवों में कृषि क्षेत्र को नुकसान दर्ज किया गया है। रामपुर धाब में कृषि भूमि के साथ आबादी पर भी असर पड़ा है, जबकि अन्य प्रभावित गांवों में मुख्य रूप से कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में आई है।
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बाढ़ प्रभावितों के लिए 61 राहत शिविर चिह्नित किए गए हैं। इनमें जरूरत के अनुसार शिविर सक्रिय किए जा रहे हैं। अब तक 22 राहत शिविरों में 2690 लोग पहुंच चुके हैं। सात सितंबर को 11 राहत शिविर सक्रिय रहे, जिनमें 1438 लोगों ने शरण ली। राहत शिविरों में रहने वालों में 389 बच्चे, 49 बुजुर्ग और 16 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। 

सारैया-बड़ी बाजार स्थित सिटी गर्ल्स स्कूल का राहत शिविर सबसे अधिक भीड़ वाला रहा। यहां 84 परिवारों के 379 लोग शरण लिए हुए हैं। सारैया क्षेत्र के तीन राहत शिविरों में भी बड़ी संख्या में लोग हैं। आवागमन और बचाव के लिए 49 नावें लगाई गई हैं। एनडीआरएफ की दो टीमें भी मोर्चे पर हैं। पीएसी और जल पुलिस की मदद से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और राहत कार्य चलाया जा रहा है।

गंगा का जलस्तर घटा, राहत की उम्मीद
गंगा का जलस्तर अब गिर रहा है। सात सितंबर की रात आठ बजे जलस्तर करीब 69.52 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 71.26 मीटर है। यानी नदी अभी खतरे के निशान से नीचे है। तीन सितंबर को जलस्तर 70.56 मीटर था, जिसके बाद लगातार गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले कुछ सप्ताह में गंगा के जलस्तर में बड़ा उतार-चढ़ाव रहा। 15 अगस्त को जलस्तर 63.72 मीटर था, जो तीन सितंबर तक बढ़कर 70.56 मीटर पहुंच गया। इसके बाद इसमें गिरावट शुरू हुई। अब पानी उतरने लगा है। 

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