फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   flood in varanasi

खतरे के निशान से 68 सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं गंगा

Mon, 23 Sep 2019 01:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Sep 2019 01:42 AM IST
विज्ञापन
flood in varanasi
वाराणसी। गंगा और वरुणा की बाढ़ ने तटवर्ती इलाकों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। निचले हिस्से में बसे हजारों लोगों के घर बाढ़ के पानी भरा हुआ है और वह घर छोड़कर दूसरे ठिकाने पर पहुंचे चुके हैं। जो रुके हैं उन्होंने छतों पर शरण ले रखी है। प्रभावित घरों की बिजली कटने से परेशानियां और बढ़ गई हैं। प्रशासन की ओर से बांटी जा रही राहत सामग्री नाकाफी साबित हो रही है। उधर, रविवार को गंगा का जलस्तर 71.93 मीटर पहुंच गया। दोपहर बाद गंगा के स्थिर होने से प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली है।
विज्ञापन

वरुणा के किनारे रहने वालों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। कोनिया इलाके में तो दर्जनों घरों के पावर लूम में पानी घुसने के कारण काम भी ठप हो गया है। इसके कारण बुनकरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। सरकारी मदद नहीं पहुंचने के कारण लोगों में आक्रोश है। कोनिया इलाके के विजईपुरा की रहने वाली अजीजुनिशां के करघे पानी में डूब चुके हैं। उन्होंने बताया कि छह दिनों से काम बंद है। इस्माइल उर्फ अंजुम का घर भी झील बना हुआ है और करघे आधे डूबे हुए हैं। निहालुद्दीन के घर में पानी घुसने के कारण छत के रास्ते दूसरों के घर से बाहर निकलना हो रहा है। बनारसी का पूरा घर पानी में डूब चुका है और वह दूसरे के घर में परिवार के साथ रह रहे हैं। इशरत परवीन के घर में पानी घुसने के कारण वह सीढ़ी लगाकर घर की छत पर डेरा डाले हुए थीं। जीउतिया की पूजा के लिए जा रही धर्मशीला को कमर भर पानी से गुजरना पड़ा। जरीना के घर में पानी घुस जाने के कारण पूरे परिवार को नित्य कर्म के लिए पड़ोसी के घर जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन

मोक्षदायिनी के तट पर मोक्ष के लिए इंतजार
वाराणसी। मोक्षदायिनी गंगा के तट पर मुक्ति के लिए लंबी कतार लग रही है। खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा के कारण मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मणिकर्णिका घाट पर गंगा गलियों में प्रवेश करने के साथ ही शवदाह के प्लेटफार्म तक पहुंच चुकी हैं। जगह कम होने के कारण सिर्फ 10 प्लेटफार्म वाले स्थान पर एक बार में 10 शव ही जलाए जा रहे हैं। रोजाना आने वाले शवों की संख्या 60 से अधिक है। जगह कम होने के कारण एक शव को जलाने में पांच से छह घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। दाह संस्कार के लिए लकड़ी की दुकानों पर भी नंबर लग रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, दोपहर से गंगा का जलस्तर स्थिर है लेकिन अभी गंगा का पानी नीचे उतरना शुरू नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाढ़ में राहत नहीं मुसीबत बरकरार
वाराणसी। गंगा में बाढ़ आने के बाद सामने घाट इलाके से लेकर रमना टिकरी गंगा के तटवर्ती इलाके पर रहने वाले लोगों की हालत खराब है। घर में पानी घुसने के बाद घर छोड़कर लोेग दूसरी जगहों पर रहने को विवश हैं। मारुति नगर कॉलोनी, पटेल नगर, शिवाजी नगर, हरि ओम नगर, तारानगर, छितुपुर का निचला इलाका, गायत्री नगर, नगमा स्थित गंगोत्री विहार बाढ़ से प्रभावित है। अस्सी नाले से पानी आने से कैवल्यधाम साकेत नगर और रोहित नगर के कुछ हिस्सों में पानी भर गया है। पटेल नगर के दीपक कुमार, गिरीश चंद्र विश्वकर्मा, डॉ. सीपी सिंह ने बताया कि बाढ़ के पानी से क ॉलोनी की सड़के भी खराब हो गई हैं। बाढ़ के कारण घर छोड़कर जा रही मुक्ता ने बताया कि बाढ़ का पानी कम हो नहीं रहा है और कोई सहायता भी नहीं मिल रही है।
सब्जी के बढ़े दाम
सामने घाट इलाके में बाढ़ आने के बाद खाद्य व सब्जी के दाम में तेजी आ गई है। माचिस से लेकर हर चीज के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। इस इलाके में रहने वाले लोगों की मानें तो दूध की सबसे ज्यादा किल्लत है और बच्चों को भी दूध नहीं मिल रहा है।
बंधा टूटने की फैली अफवाह
टिकरी व तारापुर गांव की सीमा पर गंगा तट पर स्थित बंधा टूटने की लोगों में अफ वाह तेजी से पूरे दिन फैली रही। जबकि लोगों को यह पता ही नहीं है कि बांध बना ही नहीं तो बांध टूटेगा कहां से।
चोरी के डर से लोग नहीं छोड़ रहे मकान
बिजली, पानी की जैसी मूलभूत सुविधा नहीं होने के बाद से दिक्कतें और भी बढ़ गई हैं। सरकारी मदद नहीं मिलने से बाढ़ की परेशानी झेलने को विवश हैं। लेकिन चोरी के डर से अपना मकान नहीं छोड़ रहे हैं।
डीएम ने कहा- घटने लगेगा जलस्तर
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने कहा है कि प्रयागराज, नैनी, मिर्जापुर और भदोही में गंगा में का पानी कम होने लगा है। कुछ ही घंटों में बनारस में भी जलस्तर कम होने लगेगा।
क्षतिग्रस्त नाव से कर रहे बचाव कार्य
एनडीआरएफ की ओर से मारुति नगर क्षेत्र में लगाई गई दो नावों की स्थिति खराब है। रविवार को एक नाव की हवा निकल गई और दूसरी नाव में भी गड़बड़ी आ गई।
पशुओं के लिए भूसा बांटा गया
चिरईगांव। बाढ़ प्रभावित गांव मोकलपुर, गोबरहां रमचंदीपुर और अम्बा का रविवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीवी सिंह और पशु चिकित्साधिकारी चिरईगांव डॉ. आरए चौधरी ने भ्रमण किया। उसके बाद छितौना, रमचंदीपुर और खालिसपुर में पशुओं के लिए भूसे का वितरण कराया।
विधायक ने किया बाढ़ क्षेत्र का दौरा
रोहनिया। स्थानीय विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह ने रविवार को करसड़ा, बेटाबर, छितौनी गांव में जाकर बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही संबधित अधिकारी को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो।

राहत सामग्री बांटी
वाराणसी। क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रविवार को भी राहत सामग्री बांटी गई। प्रदेश सरकार के दिव्यांगजन, पिछड़ावर्ग कल्याण के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के निर्देश पर मोकलपुर, रमचंदीपुर, गोबरहा आदि गांवों में उनके मीडिया प्रभारी पवन कुमार चौबे व तहसीलदार मनोज पाठक के साथ राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ गांव में राहत सामग्री वितरण की। बहादुर आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र गांधी कुशवाहा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने चौकाघाट में भोजन का पैकेट बांटा गया। मानव अधिकार मिशन की ओर से प्राथमिक विद्यालय ढेलवरिया, नक्खीघाट, पुरानापुल व सरैयां के लगभग छह सौ घरों में भोजन का पैकेट वितरित किया गया। सी। नागरिक सुरक्षा कलेक्ट्रेट प्रखंड की ओर से नीरज मिश्रा और संजय कुमार राय के संयोजन में सरैया, पुराने पुल, पंचक्रोशी चौराहा आदि स्थानों पर बाढ़ पीड़ितों और राहत शिविरों में खाद्य सामग्री वितरित की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed