Flood in Varanasi: बाढ़ के बाद गलियों में मलबा और गंदगी छोड़ गई गंगा, बीमारियों का भी खतरा
Floods In Varanasi: वाराणसी में गंगा का जलस्तर कम होने लगा है। इसके साथ ही गलियों में गंदगी और कीचड़ के साथ मलबे का ढेर रह गया है। इससे बीमारी का खतरा भी मडरा रहा है।
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गंगा और वरुणा नदी का जलस्तर घटने के साथ बाढ़ प्रभावित मोहल्लों में गंदगी, कीचड़ और मलबे का ढेर रह गया है। गंगा का जलस्तर कम होने के बाद घाट से लगी गलियों में मलबा और गंदगी जमा हो गई है। कहीं, नदी की गाद जमी है तो कहीं गंदगी में इतनी बदबू है कि खड़ा होना मुश्किल है। मच्छरों की भरमार भी होने से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण इलाकों में भी लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं।
गंगोत्री विहार कॉलोनी में कीचड़ जमा है। नगवां के रामेश्वर मठ के पास कीचड़ फैला हुआ है। अस्सी नगवां रोड पर सुबह ए बनारस मंच के बाहर भी कीचड़ है। अस्सी रोड पर रेस्टोरेंट में लोग साफ-सफाई कर रहे हैं। दशाश्वमेध, शीतला घाट और राजेंद्र प्रसाद घाट पर सफाई शुरू हो चुकी है।
वरुणा पार इलाके में पुराना पुल, दनियालपुर, नक्खीघाट, हिदायत नगर, तालीम नगर की गलियों व लोगों के घरों में बदबूदार पानी, गंदगी और कीचड़ जमा है। दनियालपुर निवासी राकेश सिंह ने बताया कि घर के अंदर इतना कीचड़ है कि निकालने में कई दिन लग जाएंगे, बदबू के कारण बैठना मुश्किल है। पुराना पुल के रामअचल राजभर ने कहा कि बाढ़ का पानी उतर गया, लेकिन गंदगी का अंबार छोड़ गया है, जिससे मच्छरों की भरमार हो गई है।
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नक्खी घाट की गीता देवी और सुनील पासवान का कहना है कि मोहल्ले की गलियों में पानी भरा है। हिदायत नगर के शिवकुमार यादव ने कहा कि सड़क और घर दोनों में सफाई की सख्त जरूरत है, वरना बीमारियां फैल सकती हैं। तालीम नगर की रेखा सिंह और अख्तर अली ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सफाई कराई जाए। उंचवा की गजाला बीबी का कहना है कि पानी भले ही घट गया हो, लेकिन गंदगी और मलबा अब बड़ी समस्या बन गया है।