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वाराणसीः धधकती चिताओं के बीच सजेगी नगरवधुओं की महफिल

Sat, 17 Apr 2021 09:43 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 17 Apr 2021 09:43 PM IST
सार

बाबा मसाननाथ के तीन दिवसीय महोत्सव की निभाई जाएगी परंपरा
आयोजनकर्ताओं के अलावा किसी को नहीं मिलेगा प्रवेश

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Flaming gathering of recitals Nagrvdhuon amid concerns in varanasi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

वाराणसी में चैत्र नवरात्र की सप्तमी पर धधकती चिताओं के बीच गणिकाओं का नृत्य होगा, लेकिन दर्शक नदारद रहेंगे। कोरोना संक्रमण के कारण बाबा मसाननाथ के इस उत्सव से आम श्रद्धालुओं को दूर रहने की अपील की गई है। शनिवार को बाबा मसाननाथ के तीन दिवसीय शृंगार महोत्सव का शुभारंभ हुआ।

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विधि-विधान से पूजन आरती के बाद बाबा मसाननाथ को भोग अर्पित किया गया। मंदिर के व्यवस्थापक गुलशन कपूर ने बताया कि चैत्र नवरात्र की सप्तमी 19 अप्रैल को परंपरा निभाई जाएगी। गणिकाओं का नृत्य होगा, लेकिन इसमें आम जनता का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि कोरोना संक्रमण के कारण वह मणिकर्णिका पर स्थित मंदिर में न आएं। घर से ही बाबा मसाननाथ की पूजा कर आशीर्वाद लें।
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काशी की इस अनूठी परंपरा को निहारने और देर रात तक अपनी आंखों में संजोने दूर दराज से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग चैत्र नवरात्र में सप्तमी की रात को यहां बरबस ही खिंचे चले आते हैं। सदियों से इस दिन मणिकर्णिका घाट पर घुंघरू बांधकर नृत्य करने और काशी के रक्षक भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए धधकती चिताओं के बीच गणिकाएं यहां नृत्य करती हैं।
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राजा मानसिंह ने शुरू कराई थी परंपरा
मान्यता है कि अकबर के नवरत्नों में से एक राजा मानसिंह ने प्राचीन नगरी काशी में भगवान शिव के मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। इस मौके पर राजा मानसिंह एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कराना चाह रहे थे लेकिन कोई भी कलाकार इस श्मशान में आने और अपनी कला के प्रदर्शन के लिए तैयार नहीं हुआ। इसकी जानकारी काशी की नगरवधुओं को हुई तो वे स्वयं ही श्मशान घाट पर होने वाले इस उत्सव में नृत्य करने को तैयार हो गईं। इस दिन से धीरे-धीरे यह उत्सवधर्मी काशी की एक परंपरा का हिस्सा बन गई। तब से आज तक चैत्र नवरात्रि की सातवीं निशा में हर साल यहां श्मशानघाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

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