{"_id":"5a92bce84f1c1bff388ba147","slug":"fir-lodged-in-kaal-bhairav-temple","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा पाथवेः काशी के कोतवाल के यहां दर्ज कराई हत्या की FIR, 48 घंटे का अल्टीमेटम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा पाथवेः काशी के कोतवाल के यहां दर्ज कराई हत्या की FIR, 48 घंटे का अल्टीमेटम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 26 Feb 2018 10:39 AM IST
विज्ञापन
विरोध करते संघर्ष समिति के लोग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशी विश्वनाथ मंदिर-गंगा दर्शन योजना के विरोध ने वाराणसी में एक नया स्वरूप ले लिया है। विरोध कर रहे लोगों ने काशी के कोतवाल के यहां अर्जी लगाकर शासन-प्रशासन के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है।
इसके साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया है। तय समय के अंदर गंगा पाथवे प्रोजेक्ट का ब्लू प्रिंट जनता के सामने स्पष्ट नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
रविवार को नीलकंठ महादेव मंदिर पर धरोहर बचाओ संघर्ष समिति की हुई बैठक के दौरान बीएचयू के प्राच्य विद्या संस्थान के अवकाश प्राप्त डीन प्रो. सुधांशु शेखर की अध्यक्षता में गंगा पाथवे के मुद्दे पर चर्चा की गई।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि हम विकास के समर्थक हैं मगर विध्वंस की कोई कोशिश हुई तो काशी की जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। सभा में खरीदे या अधिग्रहीत मकानों में स्थापित देव विग्रहों को नष्ट करने पर रोष जताया गया। देव विग्रहों को पुन: प्रतिष्ठापित करने की मांग की गई।
इस आंदोलन को केंद्रीय ब्राम्हण महासभा ने अपना समर्थन दिया है। डॉ सलिलेश मालवीय और आशुतोष ओझा के नेतृत्व में महासभा के एक प्रतिनिधि मंडल ने सभा में शिरकत की।
सभा के बाद समिति के लोग कालभैरव मंदिर गए और वहां अपने आराध्य को राजनेताओं और अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की अर्जी लगाई। बाबा कालभैरव से निवेदन किया गया कि शासन-प्रशासन द्वारा देव विग्रहों के हत्या करने के जुर्म में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर पथभ्रष्ट अधिकारियों व राजनेताओं को सद् बुद्धि दे एवं दंडित करने की कार्यवाही करें।
विज्ञापन
इसके साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया है। तय समय के अंदर गंगा पाथवे प्रोजेक्ट का ब्लू प्रिंट जनता के सामने स्पष्ट नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
विज्ञापन
रविवार को नीलकंठ महादेव मंदिर पर धरोहर बचाओ संघर्ष समिति की हुई बैठक के दौरान बीएचयू के प्राच्य विद्या संस्थान के अवकाश प्राप्त डीन प्रो. सुधांशु शेखर की अध्यक्षता में गंगा पाथवे के मुद्दे पर चर्चा की गई।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि हम विकास के समर्थक हैं मगर विध्वंस की कोई कोशिश हुई तो काशी की जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। सभा में खरीदे या अधिग्रहीत मकानों में स्थापित देव विग्रहों को नष्ट करने पर रोष जताया गया। देव विग्रहों को पुन: प्रतिष्ठापित करने की मांग की गई।
इस आंदोलन को केंद्रीय ब्राम्हण महासभा ने अपना समर्थन दिया है। डॉ सलिलेश मालवीय और आशुतोष ओझा के नेतृत्व में महासभा के एक प्रतिनिधि मंडल ने सभा में शिरकत की।
सभा के बाद समिति के लोग कालभैरव मंदिर गए और वहां अपने आराध्य को राजनेताओं और अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की अर्जी लगाई। बाबा कालभैरव से निवेदन किया गया कि शासन-प्रशासन द्वारा देव विग्रहों के हत्या करने के जुर्म में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर पथभ्रष्ट अधिकारियों व राजनेताओं को सद् बुद्धि दे एवं दंडित करने की कार्यवाही करें।