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जौनपुरः इकलौती बेटी की डोली उठने से पहले घर से निकली पिता की अर्थी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 30 Apr 2018 08:05 PM IST
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मौत के बाद रखा शव
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के जौनपुर के एक गांव में शादी की रस्म पूरी हुई और विदाई की तैयारी चल रही थी, लेकिन बेटी के रोने की आवाज सुन पिता का कोमल हृदय जवाब दे गया। परिवार के लोग आनन फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सोमवार की भोर में मंडप में विवाह की रस्म अदायगी के दौरान हुई इस घटना से घराती व बराती में मातम छा गया। बेटी की डोली उठने के पहले उठी पिता की अर्थी से शहनाई की गूंज चीत्कार में बदल गई, विदाई कार्यक्रम स्थगित कर देना पड़ा
जिल के सलारपुर गांव निवासी माता प्रसाद प्रजापति की पुत्री सीता (24) की शादी प्रतापगढ़ जिले के सिलौधि गांव निवासी शिवपूजन(26)के साथ तय हुई थी। रविवार की शाम बारात आगमन पर खुशनुमा माहौल में जोरदार स्वागत हुआ।
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देर रात बाद वैवाहिक रस्म अदायगी के लिए दोनों पक्षों के लोग मंडप में बैठे। शादी लगभग समाप्त हो गई थी। उसी समय बाहर आंधी आने के बाद अस्त व्यस्त हुए सामान को एकत्रित करवाने लगे। इधर, बेटी के विदाई की भी तैयारी होने लगी।
इसी बीच दुल्हन के पिता अचानक गिर पड़े। लोगों ने चक्कर आने की बात समझकर पानी का छींटा मारा। मगर कुछ देर होश नहीं आने पर बारात में आई गाड़ी से सुजानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां डाक्टर ने हृदयाघात के चलते मौत होने की पुष्टि की।
मौत की जानकारी होते ही शादी का खुशनुमा माहौल गम में तब्दील हो गया। बारात बिना दुल्हन की विदाई कराये ही वापस हो गई। इधर मृतक के अंतिम संस्कार में घर परिवार के लोग और रिश्तेदार जुट गए।
सीता उनकी इकलौती पुत्री है। लोग यही चर्चा करते दिखे कि होनी को कोई टाल नहीं सकता, क्योंकि जिस समय दरवाजे से बेटी की बरात विदा होने वाली थी उसी समय पिता की अर्थी निकली।
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सोमवार की भोर में मंडप में विवाह की रस्म अदायगी के दौरान हुई इस घटना से घराती व बराती में मातम छा गया। बेटी की डोली उठने के पहले उठी पिता की अर्थी से शहनाई की गूंज चीत्कार में बदल गई, विदाई कार्यक्रम स्थगित कर देना पड़ा
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जिल के सलारपुर गांव निवासी माता प्रसाद प्रजापति की पुत्री सीता (24) की शादी प्रतापगढ़ जिले के सिलौधि गांव निवासी शिवपूजन(26)के साथ तय हुई थी। रविवार की शाम बारात आगमन पर खुशनुमा माहौल में जोरदार स्वागत हुआ।
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देर रात बाद वैवाहिक रस्म अदायगी के लिए दोनों पक्षों के लोग मंडप में बैठे। शादी लगभग समाप्त हो गई थी। उसी समय बाहर आंधी आने के बाद अस्त व्यस्त हुए सामान को एकत्रित करवाने लगे। इधर, बेटी के विदाई की भी तैयारी होने लगी।
इसी बीच दुल्हन के पिता अचानक गिर पड़े। लोगों ने चक्कर आने की बात समझकर पानी का छींटा मारा। मगर कुछ देर होश नहीं आने पर बारात में आई गाड़ी से सुजानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां डाक्टर ने हृदयाघात के चलते मौत होने की पुष्टि की।
मौत की जानकारी होते ही शादी का खुशनुमा माहौल गम में तब्दील हो गया। बारात बिना दुल्हन की विदाई कराये ही वापस हो गई। इधर मृतक के अंतिम संस्कार में घर परिवार के लोग और रिश्तेदार जुट गए।
सीता उनकी इकलौती पुत्री है। लोग यही चर्चा करते दिखे कि होनी को कोई टाल नहीं सकता, क्योंकि जिस समय दरवाजे से बेटी की बरात विदा होने वाली थी उसी समय पिता की अर्थी निकली।
मूल्यांकन के दौरान हृदयाघात से शिक्षक की मौत
heart attack
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सोमवार की दोपहर मूल्यांकन के दौरान हृदयाघात से एक शिक्षक की मौत हो गई। मूल्यांकन केंद्र पर तैनात शिक्षक और कर्मचारी उन्हें आनन फानन में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उन्हें घोषित कर दिया।
शिक्षक की मौत के बाद शोक कर सभी मूल्यांकन केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य बंद कर दिया गया। कुटीर महाविद्यालय चक्के के हिंदी के शिक्षक डा. सूर्यप्रकाश मिश्र (50) सोमवार को विश्वविद्यालय के फार्मेसी मूल्यांकन केंद्र पर कापी जांच रहे थे।
दोपहर करीब 12 बजे अचानक उनके सीने में दर्द हुआ और कुर्सी से नीचे गिर गए। उनके गिरने के बाद मूल्यांकन केंद्र पर अफरातफरी मच गई। मूल्यांकन केंद्र के समन्वयक डा. अखिलेश्वर शुक्ल सहयोगियों के साथ उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंच गए। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डा. मिश्र शहर के भगौती कालोनी में आवास बनाकर रह रहे थे। शव घर पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया।
शिक्षक की मौत के बाद शोक कर सभी मूल्यांकन केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य बंद कर दिया गया। कुटीर महाविद्यालय चक्के के हिंदी के शिक्षक डा. सूर्यप्रकाश मिश्र (50) सोमवार को विश्वविद्यालय के फार्मेसी मूल्यांकन केंद्र पर कापी जांच रहे थे।
दोपहर करीब 12 बजे अचानक उनके सीने में दर्द हुआ और कुर्सी से नीचे गिर गए। उनके गिरने के बाद मूल्यांकन केंद्र पर अफरातफरी मच गई। मूल्यांकन केंद्र के समन्वयक डा. अखिलेश्वर शुक्ल सहयोगियों के साथ उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंच गए। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डा. मिश्र शहर के भगौती कालोनी में आवास बनाकर रह रहे थे। शव घर पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया।