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यूपी: नौकरशाह करा रहे सरकार की किरकिरी, जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतों का हो रहा फर्जी निस्तारण
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 14 Sep 2018 10:27 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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विकास कार्यों से लेकर बुनियादी समस्याओं के समयबद्ध और समुचित समाधान के लिए बनाए गए जनसुनवाई पोर्टल अफसरों की आंकड़ेबाजी के कारण मजाक बन गए हैं। सरकार की मंशा थी कि पोर्टल के जरिए लोगों की भागदौड़ बचेगी और उन्हें अपने घर और क्षेत्र में ही अपनी शिकायतों का निदान मिल जाएगा पर कमोवेश हर विभाग जनसरोकार से जुड़ी शिकायतों को लेकर उदासीन है।
सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण का मामला हो या छात्रवृत्ति और खाद्यान्न वितरण में अनियमितताओं की बात या फिर टूटी सड़कों और गंदगी की शिकायत, अफसर और उनके अधीनस्थ ज्यादातर के निस्तारित होने का दावा कर वाहवाही लूट रहे हैं। दरअसल, मातहत दफ्तर में बैठ कर ही समस्याओं का निस्तारण दिखा कर फाइल क्लोज कर देते हैं और आला अफसर स्थलीय सत्यापन में रुचि नहीं दिखाते हैं। नतीजतन, शिकायतकर्ता और पीड़ित आदमी निस्तारण के फर्जीवाड़े की फाइल लेकर फिर से दफ्तरों के चक्कर लगाने लगता है।
अमर उजाला कुछ ऐसे ही मामलों की पड़ताल कर रहा है, ताकि प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही को सामने लाने वालों का हौसला न टूटे और आम लोगों को व्यवस्था परिवर्तन का अहसास हो।
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सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण का मामला हो या छात्रवृत्ति और खाद्यान्न वितरण में अनियमितताओं की बात या फिर टूटी सड़कों और गंदगी की शिकायत, अफसर और उनके अधीनस्थ ज्यादातर के निस्तारित होने का दावा कर वाहवाही लूट रहे हैं। दरअसल, मातहत दफ्तर में बैठ कर ही समस्याओं का निस्तारण दिखा कर फाइल क्लोज कर देते हैं और आला अफसर स्थलीय सत्यापन में रुचि नहीं दिखाते हैं। नतीजतन, शिकायतकर्ता और पीड़ित आदमी निस्तारण के फर्जीवाड़े की फाइल लेकर फिर से दफ्तरों के चक्कर लगाने लगता है।
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अमर उजाला कुछ ऐसे ही मामलों की पड़ताल कर रहा है, ताकि प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही को सामने लाने वालों का हौसला न टूटे और आम लोगों को व्यवस्था परिवर्तन का अहसास हो।
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ये देखें, अफसर कर रहे कैसे कैसे गड़बड़झाले
छात्राएं
- फोटो : demo
आजमगढ़: बेकसूर छात्राएं झेल रहीं खामियाजा
मुबारकपुर के मिल्लत गर्ल्स इंटर कॉलेज की 450 छात्राओं ने 2017-18 में अल्पसंख्यक विभाग की छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। छात्रवृत्ति नहीं आने पर पोर्टल पर शिकायत की गई। जांच अधिकारी अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकस सिंह ने गलत जानकारी देकर शिकायत को निस्तारित करा दिया। पोर्टल पर बताया गया कि छात्रवृत्ति के मामले में कॉलेज के खिलाफ पूर्व में मुकदमा दर्ज हुआ था। सच्चाई यह थी कि जिस मामले में मुकदमा हुआ था, उसमें कॉलेज के साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण विभाग भी दोषी पाया गया था। इसकी शिकायत डीएम से फिर की गई लेकिन मामला ठंडे में है।
जौनपुर: तीन निरक्षरों के हस्ताक्षर दिखा दिए
मडियाहूं ब्लॉक के कुंभ गांव निवासी ग्राम पंचायत सदस्य वीरेंद्र कुमार यादव ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की कि प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों के चयन के लिए ग्राम पंचायत की खुली बैठक में वह मौजूद नहीं थे। कार्यवाही रजिस्टर पर उनके हस्ताक्षर बना दिए गए। जवाब में बीडीओ ने प्रमाण के तौर पर सदस्यों के हस्ताक्षर वाले पेज की फोटो अपलोड कर दी। इस पेज पर सदस्य वीरेंद्र कुमार यादव, गुड्डी, कुलना देवी के भी हस्ताक्षर थे, जबकि तीनों साक्षर नहीं हैं। अंगूठा लगाते हैं। दोबारा शिकायत हुई तो ग्राम विकास अधिकारी की ओर से अंगूठा लगा हस्ताक्षर रजिस्टर के पेज की कापी अपलोड कर दी गई।
भदोही: अपात्रों को आवंटित कर दिए शौचालय
सुरियावां नगर निवासी त्रिभुवन मौर्य ने अपने गांव में अपात्रों को शौचालय आवंटित करने की शिकायत इस उम्मीद से की थी कि इसमें कार्रवाई होगी और गांवों में स्वच्छता अभियान का सरकार का सपना साकार होगा। थोड़े दिन बाद उनकी उम्मीद ही परेशानी का कारण बन गई। वजह, जिनको शिकायत पर गौर करना था, उन्होंने मौका-मुआयना करने की जरूरत नहीं समझी। कार्रवाई किए बिना ही पोर्टल पर शिकायत को निस्तारित दिखा दिया गया। अब त्रिभुवन मौर्य का कहना है कि अपात्रों को शौचालय बांट दिए गए हैं, जबकि तमाम पात्र व्यक्ति शौचालय के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते परेशान हो गए हैं।
मुबारकपुर के मिल्लत गर्ल्स इंटर कॉलेज की 450 छात्राओं ने 2017-18 में अल्पसंख्यक विभाग की छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। छात्रवृत्ति नहीं आने पर पोर्टल पर शिकायत की गई। जांच अधिकारी अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकस सिंह ने गलत जानकारी देकर शिकायत को निस्तारित करा दिया। पोर्टल पर बताया गया कि छात्रवृत्ति के मामले में कॉलेज के खिलाफ पूर्व में मुकदमा दर्ज हुआ था। सच्चाई यह थी कि जिस मामले में मुकदमा हुआ था, उसमें कॉलेज के साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण विभाग भी दोषी पाया गया था। इसकी शिकायत डीएम से फिर की गई लेकिन मामला ठंडे में है।
जौनपुर: तीन निरक्षरों के हस्ताक्षर दिखा दिए
मडियाहूं ब्लॉक के कुंभ गांव निवासी ग्राम पंचायत सदस्य वीरेंद्र कुमार यादव ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की कि प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों के चयन के लिए ग्राम पंचायत की खुली बैठक में वह मौजूद नहीं थे। कार्यवाही रजिस्टर पर उनके हस्ताक्षर बना दिए गए। जवाब में बीडीओ ने प्रमाण के तौर पर सदस्यों के हस्ताक्षर वाले पेज की फोटो अपलोड कर दी। इस पेज पर सदस्य वीरेंद्र कुमार यादव, गुड्डी, कुलना देवी के भी हस्ताक्षर थे, जबकि तीनों साक्षर नहीं हैं। अंगूठा लगाते हैं। दोबारा शिकायत हुई तो ग्राम विकास अधिकारी की ओर से अंगूठा लगा हस्ताक्षर रजिस्टर के पेज की कापी अपलोड कर दी गई।
भदोही: अपात्रों को आवंटित कर दिए शौचालय
सुरियावां नगर निवासी त्रिभुवन मौर्य ने अपने गांव में अपात्रों को शौचालय आवंटित करने की शिकायत इस उम्मीद से की थी कि इसमें कार्रवाई होगी और गांवों में स्वच्छता अभियान का सरकार का सपना साकार होगा। थोड़े दिन बाद उनकी उम्मीद ही परेशानी का कारण बन गई। वजह, जिनको शिकायत पर गौर करना था, उन्होंने मौका-मुआयना करने की जरूरत नहीं समझी। कार्रवाई किए बिना ही पोर्टल पर शिकायत को निस्तारित दिखा दिया गया। अब त्रिभुवन मौर्य का कहना है कि अपात्रों को शौचालय बांट दिए गए हैं, जबकि तमाम पात्र व्यक्ति शौचालय के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते परेशान हो गए हैं।
क्या कहते हैं कमिश्नर
फाइल फोटो
आजमगढ़ कमिश्नर जगतराज ने कहा कि कई शिकायतों के निस्तारण में संबंधित अधिकारियों की आख्या में स्पष्ट अभिमत नहीं होता है। गलत निस्तारण पर कार्रवाई की जानकारी जिलाधिकारियों को भी दे दी गई है।
मिर्जापुर कमिश्नर मुरली मनोहर लाल ने कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। मामलों का निस्तारण मौके पर जाकर ही करना है। लापरवाही की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कहा कि आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण की मॉनिटरिंग कई स्तर पर की जाती है। पिछले दिनों इसमें लापरवाही बरतने पर तहसील कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई थी।
मिर्जापुर कमिश्नर मुरली मनोहर लाल ने कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। मामलों का निस्तारण मौके पर जाकर ही करना है। लापरवाही की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कहा कि आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण की मॉनिटरिंग कई स्तर पर की जाती है। पिछले दिनों इसमें लापरवाही बरतने पर तहसील कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई थी।
शिकायतों और निस्तारित मामलों की स्थिति
जिला शिकायतें निस्तारित बिलंबित
वाराणसी 32679 29977 2702
मिर्जापुर 24456 22965 1362
बलिया 18166 17680 486
मऊ 20748 19541 1044
आजमगढ़ 41502 38647 2334
जौनपुर 21482 20233 1249
सोनभद्र 16182 14824 1358
गाजीपुर 32005 29496 2509
भदोही 16647 16181 1282
चंदौली 14054 12281 926
वाराणसी 32679 29977 2702
मिर्जापुर 24456 22965 1362
बलिया 18166 17680 486
मऊ 20748 19541 1044
आजमगढ़ 41502 38647 2334
जौनपुर 21482 20233 1249
सोनभद्र 16182 14824 1358
गाजीपुर 32005 29496 2509
भदोही 16647 16181 1282
चंदौली 14054 12281 926