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अब साइकिल से कर सकेंगे सुबह-ए-बनारस की सैर, बस इतना रुपया देना होगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 21 Mar 2018 05:45 PM IST
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बनारस शहर की विश्वप्रसिद्ध गलियों और गंगा किनारे सुबह-ए-बनारस की सैर को अब और मनोरंजक, सुविधाजनक और आरामदायक बनाने की तैयारी है। अब सैलानियों को सैर के लिए एक रुपये में जीपीएसी सिस्टम से लैस साइकिल मुहैया कराई जाएगी।
फिलहाल शहर के दस रूट इसके लिए चिह्नित किए जा रहे हैं और प्रत्येक रूट के लिए 15 साइकिलें उपलब्ध होंगी। इसके लिए नगर निगम प्रशासन और बंगलूरू की साइकिल कंपनी पैडल के बीच एमओयू साइन हो गया है।
कंपनी ने 200 साइकिलों के रखने के लिए निगम प्रशासन से गोदाम उपलब्ध कराने को कहा है। काशी का सुबह-ए-बनारस पूरी दुनिया में प्रसिद्घ है। घाटों पर अलग-अलग सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियां संचालित होती हैं।
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गंगा तट के खूबसूरत नजारे का लुत्फ उठाने देश-विदेश के पर्यटक यहां पर आते हैं। गलियों से घाटों तक साइकिल की सवारी करते हुए सैलानी अब काशी के खूबसूरत नजारे का लुत्फ उठा सकेंगे।
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फिलहाल शहर के दस रूट इसके लिए चिह्नित किए जा रहे हैं और प्रत्येक रूट के लिए 15 साइकिलें उपलब्ध होंगी। इसके लिए नगर निगम प्रशासन और बंगलूरू की साइकिल कंपनी पैडल के बीच एमओयू साइन हो गया है।
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कंपनी ने 200 साइकिलों के रखने के लिए निगम प्रशासन से गोदाम उपलब्ध कराने को कहा है। काशी का सुबह-ए-बनारस पूरी दुनिया में प्रसिद्घ है। घाटों पर अलग-अलग सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियां संचालित होती हैं।
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गंगा तट के खूबसूरत नजारे का लुत्फ उठाने देश-विदेश के पर्यटक यहां पर आते हैं। गलियों से घाटों तक साइकिल की सवारी करते हुए सैलानी अब काशी के खूबसूरत नजारे का लुत्फ उठा सकेंगे।
रूट बहुत जल्द तय कर लिए जाएंगे
गंगा आरती
- फोटो : File Photo
करार के तहत कंपनी 200 साइकिलें उपलब्ध कराएगी। ये सभी साइकिलें जीपीएस सिस्टम से लैस होंगी। साइकिल की लोकेशन ऑनलाइन पता की जा सकेगी। कंपनी और नगर निगम के प्रतिनिधियों ने इस सिलसिले में रूट तय करने के लिए मंगलवार को शहर भ्रमण किया।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक जल्द रूट फाइनल कर पहली अप्रैल से यह योजना शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल पचास साइकिलें रिजर्व रखी जाएंगी। जिन रूटों पर मांग पर बढ़ेगी, वहां उस आधार पर साइकिलें बढ़ाई जाएंगी।
संयुक्त नगर आयुक्त रमेश चंद्र सिंह का कहना है कि रूट बहुत जल्द तय कर लिए जाएंगे। इस योजना के नियमों और शर्तों के बारे में सैलानियों को जागरूक किया जाएगा।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक जल्द रूट फाइनल कर पहली अप्रैल से यह योजना शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल पचास साइकिलें रिजर्व रखी जाएंगी। जिन रूटों पर मांग पर बढ़ेगी, वहां उस आधार पर साइकिलें बढ़ाई जाएंगी।
संयुक्त नगर आयुक्त रमेश चंद्र सिंह का कहना है कि रूट बहुत जल्द तय कर लिए जाएंगे। इस योजना के नियमों और शर्तों के बारे में सैलानियों को जागरूक किया जाएगा।