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बच्चों की नशाखोरी छुड़ाने के लिए इंजीनियर ने छोड़ी नौकरी, निकला पैदल यात्रा पर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 13 Jun 2018 10:54 AM IST
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इंजीनियर आशीष शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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देश में कम उम्र के बच्चों में बढ़ती भिक्षावृत्ति, नशाखोरी को खत्म कराने का एक युवा इंजीनियर ने बीड़ा उठाया है। इसके लिए अपनी नौकरी छोड़कर अब वह देश में 17 हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकल पड़ा है।
अगस्त 2017 में जम्मू से शुरू यात्रा फरवरी 2019 में रामेश्वरम में जाकर समाप्त होगी। इस दौरान वह विभिन्न राज्यों का सफर तय करते हुए मंगलवार को बनारस पहुंचे। यहां भी वह पैदल चलकर लोगों से मिलकर बच्चों को भिक्षावृत्ति, नशाखोरी से रोकने के लिए आगे आने की अपील कर रहे हैं।
एयर क्राफ्ट और मैकेनिकल से इंजीनियरिंग करने वाले आशीष शर्मा ने बताया कि 2015 जून में उन्हें लिबासपुर में एक नौ साल का बच्चा भीख मांगते मिला।
इसके अलावा भी दस साल से कम उम्र के बच्चे भी नशाखोरी की चपेट में आते दिख जाते हैं। इन बच्चों को देख मन में पीड़ा हुई कि जिनके हाथों में कापी किताब होनी चाहिए, वह भीख क्यों मांग रहे हैं।
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इसके बाद से उन्मुक्त इंडिया नाम की संस्था बनाई और देश भर में पैदल यात्रा कर लोगों को जागरूक करने की ठान ली है। अपने साथ हाथ में तिरंगा और कंधे पर जरूरी सामानों का बैग लेकर वह शहर में भ्रमण कर रहे हैं।
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अगस्त 2017 में जम्मू से शुरू यात्रा फरवरी 2019 में रामेश्वरम में जाकर समाप्त होगी। इस दौरान वह विभिन्न राज्यों का सफर तय करते हुए मंगलवार को बनारस पहुंचे। यहां भी वह पैदल चलकर लोगों से मिलकर बच्चों को भिक्षावृत्ति, नशाखोरी से रोकने के लिए आगे आने की अपील कर रहे हैं।
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एयर क्राफ्ट और मैकेनिकल से इंजीनियरिंग करने वाले आशीष शर्मा ने बताया कि 2015 जून में उन्हें लिबासपुर में एक नौ साल का बच्चा भीख मांगते मिला।
इसके अलावा भी दस साल से कम उम्र के बच्चे भी नशाखोरी की चपेट में आते दिख जाते हैं। इन बच्चों को देख मन में पीड़ा हुई कि जिनके हाथों में कापी किताब होनी चाहिए, वह भीख क्यों मांग रहे हैं।
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इसके बाद से उन्मुक्त इंडिया नाम की संस्था बनाई और देश भर में पैदल यात्रा कर लोगों को जागरूक करने की ठान ली है। अपने साथ हाथ में तिरंगा और कंधे पर जरूरी सामानों का बैग लेकर वह शहर में भ्रमण कर रहे हैं।
अब तक इन जगहों पर कर चुके हैं यात्रा
बनारस पहुंचे आशीष शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला कार्यालय पहुंचे आशीष ने बताया कि इस तरह की सामाजिक बुराईयों को रोकने के लिए दोस्तों संग मिलकर एक ऐप भी बना रहे हैं, जिसमें पांच किलोमीटर की दायरे में बच्चों को भीख मांगते देखने पर उसकी तस्वीर अपलोड की जाएगी।
इसके पीछे यह उद्देश्य है कि बच्चों को भीख मांगना छुड़ाकर उन्हें सही दिशा में भेजा जाए। आशीष ने बताया कि हर दिन करीब 30 से 40 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं और करीब चार से पांच हजार लोगों से मिलते हैं।
अपने इस अभियान के तहत आशीष अब तक जम्मू, हिमांचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, दमन, सिलवास, महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, यूपी राज्यों में अब तक 6400 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं।
इसके पीछे यह उद्देश्य है कि बच्चों को भीख मांगना छुड़ाकर उन्हें सही दिशा में भेजा जाए। आशीष ने बताया कि हर दिन करीब 30 से 40 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं और करीब चार से पांच हजार लोगों से मिलते हैं।
अपने इस अभियान के तहत आशीष अब तक जम्मू, हिमांचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, दमन, सिलवास, महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, यूपी राज्यों में अब तक 6400 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं।