एलिवेटेड रोड परियोजना: राज्यमंत्री बोले- हुकुलगंज में रैंप मत उतारिए, आयुर्वेद कॉलेज के पास उतारें; रखें ध्यान
एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर राज्यमंत्री ने एनएचएआई अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने हुकुलगंज में रैंप उतारने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए इसे आयुर्वेद कॉलेज के पास उतारने का सुझाव दिया। राज्यमंत्री ने कहा कि रैंप की डिजाइन तैयार करते समय स्थानीय नागरिकों की सुविधा और हितों का विशेष ध्यान रखा जाए।
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शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रस्तावित करीब 25 हजार करोड़ रुपये की एलिवेटेड रोड परियोजना में अब रैंप के स्थान को लेकर मंथन शुरू हो गया है। प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में बैठक की।
एनएचएआई अधिकारियों से कहा कि निर्माण और रैंप की डिजाइन ऐसी हो, जिससे स्थानीय लोगों को बेवजह प्रभावित न होना पड़े। हुकुलगंज में प्रस्तावित रैंप के विकल्प के तौर पर आयुर्वेद कॉलेज के पास रैंप उतारने पर गंभीरता से विचार करें।
बैठक में एनएचएआई अधिकारियों ने डिजिटल प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परियोजना के प्रस्तावित रूट, रैंप और निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखा। बताया कि एलिवेटेड रोड काजीसराय से शुरू होकर हरहुआ फ्लाईओवर और रिंग रोड को क्रॉस करते हुए कैंट क्षेत्र के ऊपर से फुलवरिया सहित विभिन्न स्थानों से होकर नमो घाट की ओर जाएगी।
परियोजना के अलग-अलग हिस्सों में रैंप बनाए जाने का प्रस्ताव है। बैठक में हुकुलगंज में प्रस्तावित रैंप को लेकर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि यदि हुकुलगंज में रैंप उतारने से बड़ी संख्या में स्थानीय लोग प्रभावित होते हैं तो इसके विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को हुकुलगंज में रैंप न उतारकर आयुर्वेद कॉलेज के पास रैंप उतारने के विकल्प पर विशेष ध्यान देने को कहा। रविंद्र जायसवाल ने कहा कि विकास परियोजनाओं का उद्देश्य जनसुविधाओं को बढ़ाना है। इसलिए एलिवेटेड रोड की डिजाइन ऐसी होनी चाहिए, जिससे यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ स्थानीय नागरिकों पर परियोजना का न्यूनतम प्रभाव पड़े। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों और नागरिकों के हितों को ध्यान में रखकर डिजाइन और रैंप के स्थान तय करने के निर्देश दिए।
एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि परियोजना में सबसे अधिक समस्याएं रैंप वाले स्थानों को लेकर सामने आ रही हैं। इसे देखते हुए रैंप के स्थान और डिजाइन को लेकर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। बैठक में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, डीएम सत्येंद्र कुमार व क्षेत्रीय पार्षद भी मौजूद रहे।