वाराणसी: चारपाई पर औंधे मुंह पड़ी मिली बुजुर्ग की लाश, पुलिस ने अंत्येष्टि स्थल से पोस्टमार्टम के लिए भेजा
ग्रामीण हत्या की आशंका जता रहे हैं। कमरे की खिड़की बाहर से टूटी थी। मृतक के गले पर दबाने जैसा निशान भी उभरा था। बिस्तर पर खून के धब्बे और आनन फानन अंतिम संस्कार का प्रयास अपनों पर ही सवाल खड़ा कर रहे हैं। पुलिस का भी शक इन्हीं बिंदुओं पर मंडरा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी के जंसा थाना के बेसहूपुर गांव में बुधवार को वृद्ध का शव पाही पर कमरे में औंधे मुंह पड़ा मिला। बेटे ने शोर मचाया तो ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पुलिस को बिना सूचना दिए परिजन अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने अंत्येष्टि स्थल से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ग्रामीण हत्या की आशंका जता रहे हैं। वहीं पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का खुलासा होने की बाद कर रही है।
बेसहूपुर निवासी जगजीत लाल मौर्य (55) अपने दो पुत्रों से अलग गांव के बाहर बने पाही पर रहते थे। मंगलवार रात खाना खाने के बाद कच्चे मकान में सोने गए। वहीं बुधवार भोर में बड़ा बेटा योगेश कुमार मौर्य पाही पर पहुंचकर पिता का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं आया। खिड़की से झांका तो पिता का शव चारपाई पर औंधे मुंह पड़ा था।
योगेश के चीखने चिल्लाने पर आसपास के लोग जुट गए। अंतिम संस्कार के लिए परिजन गांव के ही बगल में वरुणा नदी के तट पर बने खटहा घाट पर पहुंचे। अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थी कि इसी बीच सूचना पाकर जंसा थाने की पुलिस भी पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। पुलिस के अनुसार जगजीत लाल मौर्य तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था और अपने भाइयों से जमीन को लेकर मुकदमा लड़ रहा था। जबकि पत्नी का निधन हो चुका था। जंसा थानाध्यक्ष प्रेम नारायण विश्वकर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की स्थिति स्पष्ट होगी।
ग्रामीण जता रहे हत्या की आशंका
बेसहूपुर गांव स्थित पाही पर संदिग्ध परिस्थितियों में जगजीत की मौत को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। ग्रामीण इसे सीधे हत्या से जोड़कर देख रहे हैं। क्योंकि कमरे की खिड़की बाहर से टूटी थी। जगजीत के गले पर दबाने जैसा निशान भी उभरा था। बिस्तर पर खून के धब्बे और आनन-फानन गांव के बगल में अंत्येष्टि करना लोगों के गले के नीचे नहीं उतर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार जगजीत के दो बेटों में छोटा बेटा आपराधिक मामले में संलिप्त होने के कारण फरार चल रहा है। बड़े बेटे का भी दांपत्य जीवन अच्छा नहीं चल रहा है। दो शादियां टूट चुकी हैं। ग्रामीणों में इस बात की चर्चा रही कि जगजीत पर जमीन बेचने का दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस का भी शक इन्हीं बिंदुओं पर मंडरा रहा है। इन्हीं पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है।