अस्पताल में चलता था वसूली का धंधा, योगी के मंत्री ने किया निरीक्षण तो खुली पोल
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साब! इलाज के लिए डॉक्टर और कर्मचारी पैसे मांगते हैं। साफ-सफाई ठीक से नहीं होती। बेडों पर नियमित रूप से चादर तक नहीं बदली जाती। अक्सर अस्पताल में जरूरी दवाएं नहीं मिलतीं। बाहर से खरीदनी पड़ती हैं। डॉक्टर-कर्मचारी समय से नहीं आते...।
सूबे के कानून एवं खेल राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी शनिवार को मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लेने मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा पहुंचे तो ऐसी शिकायतों की झड़ी लग गई। ओपीडी, इमरजेंसी से वार्डों तक गंदगी फैली देख खुद मंत्री हैरान रह गए।
लापरवाही पर अस्पताल प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी। कहा, हफ्ते भर में व्यवस्था सुधार लें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें। अगले शनिवार को वह फिर आएंगे। सुबह 10:30 बजे मंत्री नीलकंठ तिवारी के निरीक्षण के लिए मंडलीय अस्पताल पहुंचने की सूचना अस्पताल प्रशासन को पहले ही मिल गई थी।
सूबे में योगी सरकार बनने के बाद किसी मंत्री का यह पहला दौरा था। इतना सबके बावजूद अस्पताल प्रशासन की तैयारियां हर स्तर पर फेल नजर आईं। गड़बड़ियों की परत दर परत उजागर होती गई। और तो और साफ-सफाई तक दुरुस्त नहीं पाई गई। बर्न वार्ड के पीछे कचरे का अंबार लगा था।
वार्डों में कई जगह गंदगी फैली थी। मंत्री ने करीब डेढ़ घंटे तक के निरीक्षण के दौरान ओपीडी, इमरजेंसी और वार्डों के इंतजाम देखे। मरीजों से बात की। उन्हें मिल रही चिकित्सकीय सुविधाओं के बारे में पूछा। इस दौरान मरीजों ने इलाज के लिए धनउगाही की शिकायत की।
मंत्री के निर्देश पर अस्पताल पहुंचे डीएम, दी हिदायत
बताया कि अक्सर दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ती हैं। रैबीज, टीटबैक इंजेक्शन के लिए भी बिना पैसे दिए बात नहीं बनती। मंत्री जब हृदय रोग विभाग पहुंचे तो वहां डॉक्टर की सीट के पास ही धूल पड़ी थी। यह देख मंत्री ने खुद कपड़ा उठाकर सफाई की।
बर्न वार्ड पहुंचे तो देखा कि गंभीर रूप से झुलसे एक मरीज को बिना चादर के ही बेड पर पड़ा देखा। इस पर मंत्री ने एसआईसी और सीएमओ को कड़ी ताकीद की। कहा कि तत्काल सभी बेड पर चादर बदले जाएं। समुचित साफ-सफाई कराएं और यह नियमित रूप से हो, इसे सुनिश्चित किया जाए।
अस्पताल परिसर में बने रैन बसेरा और अन्य विभागों में भी मंत्री गए। साफ-सफाई की बदहाली और मरीजों की शिकायतों के मद्देनजर तत्काल डीएम योगेश्वर राम मिश्र से भी बात की। इस दौरान प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. वीबी सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद सिंह आदि मौजूद थे।
मंत्री के निरीक्षण के करीब घंटे भर बाद डीएम योगेश्वर राम मिश्र मंडलीय अस्पताल पहुंचे। स्वास्थ्य अधिकारियों को हिदायत दी कि जल्दी से जल्दी व्यवस्था सुधारें। साफ-सफाई से लेकर चिकित्सकीय सुविधाओं तक हर स्तर पर पुख्ता तैयारी हो। बताया कि मंगलवार को वह फिर आएंगे। बायोमैट्रिक मशीन सोमवार तक लगा ली जाए।
अहम निर्देश
भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए बनेगी कमेटी, लापरवाही पर दर्ज होगी एफआईआर
रोजाना सुबह-शाम निरीक्षण करेंगे प्रमुख अधीक्षक, चिकित्सा अधीक्षक
हफ्ते में कम से कम दो बार डीएम खुद अस्पताल आकर व्यवस्था देखेंगे