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धमेख स्तूप, ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा बढ़ी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 26 Jan 2016 01:51 AM IST
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भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ में धमेख स्तूप पर कंकड़ फेंकने का मामला प्रकाश में आने बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारी सतर्क हो गए हैं। सोमवार को धमेख स्तूप पर खाते के रूप में पड़े कंकड़ और कपड़े को हटवा दिया गया।
अधिकारियों ने आनन-फानन में धमेख स्तूप समेत सभी प्रमुख स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी है। इन ऐतिहासिक धरोहरों के नाम पर सैलानियों को ठगने वालों पर एएसआई की कड़ी नजर रखी जा रही है।
दरअसल बौद्ध मतावलंबी स्तूप पर खाता (दुपट्टे जैसा विशेष, पवित्र कपड़ा) चढ़ाते हैं। इसी को स्थानीय लोगों ने धंधा बना लिया है और सैलानियों को धोखे में रखकर उनसे कपडे़ लेकर कंकड़ में बांधकर धमेख के ऊपरी सिरे पर फेंकते हैं। सैलानियों से मोटी रकम तो वसूलते ही हैं साथ ही धमेख में क्षरण भी हो रहा है।
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बता दें, सोमवार को अमर उजाला ने यह खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद से एएसआई के अधिकारियों में खलबली मच गई है। आनन-फानन में धमेख सहित सभी प्रमुख स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कुछ दिन पहले चौखंडी स्तूप के समीप बौद्ध अनुयायियों को मिट्टी बेचने का भी मामला प्रकाश में आया था। तब वहां के कर्मचारी को हटा दिया गया था।
बताया जा रहा है कि अब उसी कर्मचारी की ड्यूटी धमेख स्तूप पर लगा दी गई है। सूत्रों का कहना है कि विभागीय खेल में धरोहरों पर खतरा मंडरा लगा है। खाता अर्पित किया जाता है न कि फेंका जाता है। आस्था के नाम पर खिलवाड़ ठीक नहीं है। विभाग के कुछ स्थानीय लोगों की मिलीभगत से छवि को खराब और पर्यटकों को गुमराह किया जा रहा है। - पी. शिबली थेरो, संयुक्त सचिव, महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया।
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अधिकारियों ने आनन-फानन में धमेख स्तूप समेत सभी प्रमुख स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी है। इन ऐतिहासिक धरोहरों के नाम पर सैलानियों को ठगने वालों पर एएसआई की कड़ी नजर रखी जा रही है।
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दरअसल बौद्ध मतावलंबी स्तूप पर खाता (दुपट्टे जैसा विशेष, पवित्र कपड़ा) चढ़ाते हैं। इसी को स्थानीय लोगों ने धंधा बना लिया है और सैलानियों को धोखे में रखकर उनसे कपडे़ लेकर कंकड़ में बांधकर धमेख के ऊपरी सिरे पर फेंकते हैं। सैलानियों से मोटी रकम तो वसूलते ही हैं साथ ही धमेख में क्षरण भी हो रहा है।
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बता दें, सोमवार को अमर उजाला ने यह खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद से एएसआई के अधिकारियों में खलबली मच गई है। आनन-फानन में धमेख सहित सभी प्रमुख स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कुछ दिन पहले चौखंडी स्तूप के समीप बौद्ध अनुयायियों को मिट्टी बेचने का भी मामला प्रकाश में आया था। तब वहां के कर्मचारी को हटा दिया गया था।
बताया जा रहा है कि अब उसी कर्मचारी की ड्यूटी धमेख स्तूप पर लगा दी गई है। सूत्रों का कहना है कि विभागीय खेल में धरोहरों पर खतरा मंडरा लगा है। खाता अर्पित किया जाता है न कि फेंका जाता है। आस्था के नाम पर खिलवाड़ ठीक नहीं है। विभाग के कुछ स्थानीय लोगों की मिलीभगत से छवि को खराब और पर्यटकों को गुमराह किया जा रहा है। - पी. शिबली थेरो, संयुक्त सचिव, महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया।