डीरेका के निगमीकरण के विरोध में सड़क पर उतरे कर्मचारी, पुलिस ने कर्मियों को किया वापस
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डीरेका के निगमीकरण का विरोध बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को जहां डीरेका परिसर में कर्मियों ने एक किलोमीटर लंबी बाइक रैली निकली, वहीं शनिवार दोपहर में डीरेका के पूर्वी गेट से लंका होते हुए रविंद्रपुरी प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय पर जाने की योजना बनाई।
डीजल रेल कारखाने के पूर्वी द्वार से निकली बाइक रैली में हजारों डीरेका कर्मी काला झंडा लिए व बांह पर काली पट्टी बांधकर चल रहे थे। रैली कारखाने के पूर्वी द्वार से शुरू होकर प्रशासन भवन पहुंची, जहां प्रशासन भवन में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारी रैली में शामिल हुए।
इसके बाद रैली सिनेमा हॉल, ईस्ट कॉलोनी, प्रशासन भवन चौराहे से होते हुए भुल्लनपुर के रास्ते पश्चिमी उपनगर जलालीपट्टी का भ्रमण करने के बाद कर्मचारी क्लब पर समाप्त हुई।
वहीं शनिवार दोपहर 12 बजे में डीरेका के पूर्वी गेट से लंका होते हुए रविंद्रपुरी प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय पर जा रहे थे। इसी बीच मौके पर मौजूद पुलिस फोर्स ने डीरेका कर्मियों को मुख्य गेट पर ही रोक दिया।
डीरेका कर्मियों ने हाथ मे तिरंगा, काला झंडा और 'निगमीकरण वापस लो' लिखी तख्तियां लेकर डीरेका कर्मी गेट पर ही प्रदर्शन कर रहे थे। साथ ही मंत्री या जिलाधिकारी को पत्रक देने की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे एडीएम ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। इसके साथ ही डीरेका कर्मियों ने निगमीकरण वापस लेने के लिए ज्ञापन सौंपा और वापस चले गए।