धर्म रक्षा प्रदर्शनी: ज्ञानवापी मंदिर के मॉडल में वजूखाने की जगह बना प्रवचन कक्ष, देखने को उमड़ रही भीड़
वाराणसी के इंग्लिशिया लाइन स्थित भारतीय शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज के सभागार में धर्म रक्षा प्रदर्शनी लगी है। इसमें आदिविश्वेश्वर ज्ञानवापी मंदिर के मॉडल को रखा गया है। मंदिर के नए मॉडल और 63 चित्रों के जरिये लोगों को मंदिर और मस्जिद के फर्क को समझाया जा रहा है।
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आदिविश्वेश्वर ज्ञानवापी मंदिर के मॉडल में अष्टमंडप के पास वजूखाने की जगह प्रवचन कक्ष है। ज्ञानवापी की दीवारों पर स्वस्तिक, त्रिशूल और कमल के फूल के निशान बने हैं। ज्ञानवापी परिसर तहखाने के अंदर मिले मंदिर के शिखर, मां गंगा के वाहन मगरमच्छ की प्रतिमा और 15वीं शताब्दी में बने मंदिर के कलाकृतियों के साक्ष्य भी हैं।
इंग्लिशिया लाइन स्थित भारतीय शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज के सभागार में पांच दिवसीय धर्म रक्षा प्रदर्शन के दूसरे दिन बुधवार को भी भीड़ उमड़ी। कॉलेज सभागार में मंदिर के नए मॉडल और 63 चित्रों के जरिये लोगों को मंदिर और मस्जिद के फर्क को समझाया जा रहा है। प्रदर्शनी का समय दोपहर दो बजे से रात आठ बजे तक है।
कार्यकारी अध्यक्ष संजीव चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि 352 वर्ष पूर्व मंदिर में अष्ट मंडप के पास जहां प्रवचन कक्ष था, वहां पर वर्तमान में वजूखाना बना है। प्रदर्शनी के बीच में ही तीन और पांच अगस्त को भक्ति संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। वाराणसी के बाद धर्म रक्षा प्रदर्शनी दूसरे शहरों और राज्यों में लगाई जाएगी।
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मॉडल के जरिये दिखाया गया है सच
प्रदर्शनी देखने आए अमित श्रीवास्तव ने कहा कि मॉडल में चित्रों के जरिये सच दिखाया गया है। देश के हर शहर में यह प्रदर्शनी लगाई जानी चाहिए। मंदिर का मॉडल और प्रदर्शनी देखने के बाद बटुक प्रसाद चौरसिया ने कहा कि मंदिर का मॉडल आकर्षक है। रवि जायसवाल का कहना था कि अपने संस्कृति के बारे में जानना चाहिए और यहां आकर लोगों को जरूर देखना चाहिए।