धनतेरस: इस बार भी 5 दिन स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा के दर्शन, पिछली बार 6.50 लाख रुपये बांटे गए थे; खुलेगा खजाना
वाराणसी में इस बार भी मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन पांच दिनों तक होंगे। इस दौरान मां के खजाने से श्रद्धालुओं में 10 लाख सिक्के बांटे जाएंगे। पिछले वर्ष श्रद्धालुओं को 6.50 लाख रुपये वितरित किए गए थे। मंदिर में दर्शन और खजाना वितरण को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
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धनतेरस पर काशीपुराधीश्वरी मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन छह नवंबर से पांच दिनों तक होंगे। इस बार भी भक्तों को पांच दिनों तक माता के स्वर्णमयी विग्रह के दर्शन होंगे। छह नवंबर को भक्तों के लिए कपाट खुल जाएंगे और 10 नवंबर को शयन आरती के बाद अगले साल तक के लिए बंद हो जाएंगे। पांच दिनों तक मां के खजाने से 10 लाख सिक्के और 10 बोरी से अधिक धान का लावा बंटेगा। मां के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आएंगे।
बाबा विश्वनाथ को अन्न-धन की भिक्षा देने वाली मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी विग्रह के दर्शन के लिए भक्तों का एक वर्ष का इंतजार सप्ताहभर बाद खत्म हो जाएगा। मां की अलौकिक, दमकती छवि के दर्शन होंगे। मां के दाएं भू माता और श्रीकाशी विश्वनाथ और बाएं लक्ष्मी माता विराजमान रहेंगी। मंदिर के महंत शंकर पुरी महाराज ने बताया कि छह से 10 नवंबर तक माता अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप का दर्शन श्रद्धालुओं को होगा।
मंदिर परिसर में तैयारियां शुरू
छह को धनरतेरस से लेकर अन्नकूट तक माता का दरबार खुला रहेगा। इस दौरान भक्तों में धनतेरस पर ही प्रसाद स्वरूप सिक्के और लावा का वितरण होगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल साढ़े छह लाख सिक्के बांटे गए थे। इस बार 10 लाख सिक्के बैंक से मंगाए जाएंगे। लावा के साथ भक्तों में बांटा जाएगा।
मान्यता है कि प्रसाद में मिले सिक्के और लावा को तिजोरी व भंडार में रखने से कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती है। बताया कि धनतेरस पर दर्शन के दौरान होने वाली भीड़ को संभालने के लिए पुलिस प्रशासन के अलावा वालेंटियर भी लगाए जाएंगे। सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। मंदिर परिसर में साफ-सफाई से लेकर रंग-रोगन का कार्य हो रहा है।
108 तरह के व्यंजनों का भोग लगेगा
मां अन्नपूर्णा के अन्नकूट शृंगार के लिए प्रसाद बनना शुरू हो गया है। शंकरपुरी ने बताया कि मां को 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगेगा। इसमें मिठाई से लेकर नमकीन तक होगा। डेढ़ क्विंटल प्रसाद बनाया जा रहा है। माता का शृंगार नौ नवंबर को होगा।
दो राज्यों के कारीगर 17 दिन में करेंगे प्रसाद तैयार
मां अन्नपूर्णा के अन्नकूट शृंगार के लिए प्रसाद बनने लगा है। पूर्वांचल के अलावा झारखंड के कारीगर भी इसमें सहयोग कर रहे हैं। शंकरपुरी ने बताया कि प्रसाद बनाने के लिए बाहर से 100 से अधिक कारीगर बुलाए जाते हैं। वह 17 दिन में बनाकर तैयार कर देते हैं।