काशी अन्नपूर्णा मंदिर: उप महंत शंकर पुरी के सिर बंधी महंत की पगड़ी, कई मठों के संत-महात्मा और बुद्धिजीवी रहे मौजूद
श्रीअन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्य आश्रम में रह कर अध्ययन करने शंकर पुरी साल 1988 से काशी में ही रह रहे हैं। वह मध्यप्रदेश के रहने वाले है। विगत 17 वर्षों से मां भगवती की सेवा में खुद को समर्पित करके श्रीअन्नपूर्णा मठ-मंदिर की सेवा में जुटे हैं।
विस्तार
वाराणसी के श्री अन्नपूर्णा मठ-मंदिर के महंत रामेश्वरपुरी के ब्रह्मलीन होने के बाद आज नए महंत की पगड़ी उप महंत शंकर पुरी के सिर पर बंधी। इस कार्यक्रम में देश भर के कई मठों एवं अखाड़ों के संत-महात्मा और शहर के बुद्धिजीवी मौजूद रहे। ब्रह्मलीन महंत रामेश्वर पुरी का षोडशी संस्कार और विशाल भंडारे का आयोजन आज किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित कई नेता पहुंचेंगे।
महंत की गद्दी संभालने के बाद शंकर पुरी ने कहा कि श्री अन्नपूर्णा मठ मंदिर की परंपरा के अनुसार वह जनसरोकार से जुड़े कार्यों को और आगे बढ़ाएंगे। समाज के लोगों के सुख-दुख में अन्नपूर्णा मठ मंदिर सदैव साथ खड़ा रहे, यह उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी।
मंगलवार सुबह शंकर पुरी ने मां अन्नपूर्णा के दरबार में विशेष पूजन किया। फिर चादरपोशी की रस्म निभाई गई। बता दें कि काशी अन्नपूर्णा मठ मंदिर के दिवंगत महंत रामेश्वरपुरी महाराज का षोडशी संस्कार, भंडारा और श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन मंगलवार को किया गया है।
गौरतलब है कि श्री अन्नपूर्णा मठ मंदिर के पूर्व महंत रामेश्वर पुरी लंबी बीमारी के बाद बीती 16 जुलाई को ब्रह्मलीन हुए थे। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया था। 13 जुलाई को सीएम योगी ने श्री अन्नपूर्णा मठ मंदिर भी गए थे। महंत रामेश्वर पुरी को अन्नपूर्णा मठ मंदिर के महंत की गद्दी 17 अक्टूबर 2004 को सौंपी गई थी।
पीएम मोदी ने भेजा शोक संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक शोक संदेश मंदिर प्रशासन को मिला है। मंदिर के नए महंत शंकर पुरी के नाम लिखे गए इस पत्र में प्रधानमंत्री ने अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की है। उन्होंने लिखा है कि महंत रामेश्वरपुरी जी के देहावसान के बारे में जानकार अत्यंत दुःख हुआ। इस मुश्किल समय में मेरी संवेदनाएं शुभचिंतकों के साथ है। आगे लिखा कि महंत रामेश्वरपुरी का जीवन धर्म और आध्यत्म को समर्पित था।
उनके कुशल नेतृत्व में काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट द्वारा लोक कल्याण के लिए अनवरत प्रयास किए गए। उन्होंने सदैव लोगों को सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरित किया। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति हैं। प्रधानमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए लिखा है कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे और इस कठिन घड़ी में शोक संतप्त शुभचिंतकों को दुःख सहन करने का धैर्य और संबल प्रदान करे।